वाह रे मईल पुलिस! गूगल पे से लेती है घूस, तीन सस्पेंड
- Google Pay से रिश्वत की रकम ले रहे थे दारोगा बाबू, हुए सस्पेंड; जिस थाने में थे तैनात वहीं दर्ज हुई FIR
देवरिया। जिले की मईल पुलिस पैसे के लिए राहगीरों को प्रताड़ित करती है। हवालात में डाल कर तबतक प्रताड़ित करती है, जबतक उसे घूस की रकम न मिल जाय। अब अपने ही कृत्यों से चौकी इंचार्ज और दो सिपाही फंस गए। एसपी ने न केवल उन्हें सस्पेंड कर दिया बल्कि उन्हीं के थाने में उनके विरुद्ध केस भी लिखा गया।
मामला 30 मई 2021 का है। मनतूर्णा वेद महाविद्यालय वाराणसी के प्राध्यापक रजत कुमार मिश्र कार से पश्चिम चंपारण जा रहे थे। देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र के भागलपुर में उनकी कार एक ट्रक की ठोकर से क्षतिग्रस्त हो गयी। जब उन्होंने भागलपुर चौकी पर शिकायत की तो उन्हें फर्जी ए आरटीओ कहकर पुलिस ने उन्हें हवालात में डाल दिया। छोड़ने के लिए चौकी प्रभारी ने 50 हजार रुपये की मांग की। इतना ही नहीं हेड कांस्टेबल कमलेश यादव ने तलाशी के नाम पर रजत कुमार की जेब से 7200 रुपये निकाल लिए। पुलिस कर्मियों ने छोड़ने के लिए मजबूर इतना किया कि एक दूसरे हेड कांस्टेबल उदय प्रताप राय के खाते में उन्हें 10 हजार रुपये आनलाइन ट्रांसफर करने पड़े। वाराणसी के खोजवा बाजार के रहने वाले रजत कुमार मिश्र ने छह जून को एडीजी जोन अखिल कुमार से मामले की आनलाइन शिकायत की। एडीजी ने देवरिया के एसपी श्रीपति मिश्र को जांच कराने का निर्देश दिया। एसपी ने साइबर सेल से जांच कराई तो शिकायत की पुष्टि हो गई। रजत कुमार का कहना था कि वाराणसी से वह चंपारण जा रहे थे। बलिया से आगे भागलपुर के समीप पहुंचे थे कि उनकी कार में ट्रक ने ठोकर मार दी। कार को पहुंची क्षति को लेकर उनकी ट्रक चालक से बातचीत हो रही थी। इस बीच चौकी इंचार्ज अमित कुमार पांडेय, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव व उदय प्रताप राय पहुंच गए। चौकी इंचार्ज ने मामले को सुलझाने की जगह उल्टे उन्हें फर्जी एआरटीओ बताते हुए गाली दी। दुर्व्यवहार करते हुए उनके रिश्तेदारों को मईल थाने में बंद कर दिया। वाराणसी वापस पहुंचकर उन्होंने मामले की शिकायत एडीजी जोन से की।
गूगल पे से घूस की रकम लेना ही पुलिसकर्मियों के गले की फांस बन गयी। सायवर सेल की जांच में पैसे लेने की पुष्टि के बाद देवरिया के कप्तान डॉ श्रीपति मिश्र ने तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ उन्हीं के थाने में न सिर्फ केस दर्ज कराया बल्कि तीनो को सस्पेंड कर दिया। उधर कार्रवाई की जद में आये तीनो पुलिस कर्मियों का कहना है वादी ट्रकों से पैसे वसूल रहा था, जिसे डांट फटकार कर छोड़ दिया गया था। अब सवाल यह भी है कि जब हवालात तक ले गए थे तो केस क्यों नहीं लिखे।
