इब्राहिमपट्टी में लगे आक्सीजन प्लांट, तो चार जनपदों की बचेगी सांस

  • बिल्थरा रोड से विजय मद्देशिया व लार से एन डी देहाती की रिपोर्ट

बिल्थरारोड (बलिया)/एन डी देहाती लार। आज कोरोना का रोना है। चारों तरफ त्रासदी की खबरें। सरकार की आलोचना का दौर चल रहा है। देश मे तमाम ऐसे संस्थान खड़े हैं जिनका निर्माण करोड़ों की लागत से हुआ लेकिन आज भी निष्प्रयोज्य हैं। ऐसा ही एक बड़ा संस्थान बलिया जिले के इब्राहिम पट्टी में खड़ा है। वही इब्राहिम पट्टी जो पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर जी का गाँव है। इब्राहिम पट्टी में यदि आक्सीजन प्लांट लग जाय तो बलिया, मऊ , गाजीपुर व देवरिया के लोगों को सांस देकर जान बचा सकता है।

बलिया जनपद मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर व देवरिया के भागलपुर से मात्र 20 किमी दूर पूर्व पीएम के गृह क्षेत्र इब्राहीमपट्टी में करीब 30 एकड़ में बने विशाल भवन की नींव पूर्व पीएम चंद्रशेखर जी ने सन 1952 में डाली थी। उस समय में समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण जी ने इसका विधिवत शिलान्यास किया। करोड़ों रुपए की लागत से करीब 150 बेड वाले विशाल अस्पताल के इस भवन में शुरुआती दिनों में करीब छ माह तक जबरदस्त चहल पहल था। विख्यात चिकित्सकों के देखरेख में लोगों को चिकित्सकीय लाभ भी मिल रहा था किंतु बाद में विभागीय लापरवाही और सरकारों की उदासीनता के कारण पूरी व्यवस्था ठप हो गई। पीएम चंद्रशेखर जी के निधन के बाद तो यह पूरी तरह से विरान ही हो गया। फिलहाल इसका चंद्रशेखर जी के परिवार द्वारा रचना चक्र फाउंडेशन के तहत ही देखरेख किया जा रहा है।  अखिलेश यादव की तत्कालीन सपा सरकार में एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू ने इब्राहीमपट्टी अस्पताल में फिलहाल एक सीएचसी स्तरीय अस्पताल संचालन करने का पहल किया था। एमएलसी ने इसके लिए शासन को बकायदा पत्र भी भेजा था किंतु उस समय अस्पताल को लेकर सरकार की उदासीनता का ही परिणाम रहा कि उक्त पहल पूरी तरह से अनसुनी कर दिया गया। एमएलसी के लिखित मांग के बावजूद सरकार की पहल ढाक के तीन पात ही रह गया। इसे लेकर किसी तरह की शासन की पहल नहीं हो सकी। वर्तमान समय में इब्राहीमपट्टी अस्पताल का यह विशाल भवन महज एक शोपीस बना हुआ है।


इब्राहीमपट्टी में पूर्व पीएम चंद्रशेखर जी द्वारा निर्मित अस्पताल के विशाल भवन को लेकर कई तरह का भ्रम बना हुआ है। यह अस्पताल उस समय महज 150 बेड के लिए ही निर्मित किया गया। जबकि वर्तमान में इसे लेकर किसी तरह का शिलापट्ट या लिखित जानकारी न होने के कारण विशाल भवन के कारण 500 बेड का अस्पताल होने का भ्रम लोगों को हो जाता है। यह अस्पताल कोई सरकारी नहीं है। पूर्व पीएम चंद्रशेखर जी ने स्वयं अपनी इच्छाशक्ति से इस अस्पताल का निर्माण बलिया के लिए कराया था। उस समय तत्कालीन परिस्थितियों में केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा भी इस अस्पताल के निर्माण में योगदान की घोषणा की गई थी किंतु तत्कालीन प्रदेश सरकार द्वारा ही करीब 80 लाख रुपया इस अस्पताल के लिए जारी किया गया था।

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शंकराचार्य परिषद अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरुप ने सीएम योगी आदित्यनाथ समेत बलिया डीएम व सीएमओ को ज्ञापन भेजकर पूर्व पीएम चंद्रशेखर जी द्वारा इब्राहीमपट्टी में निर्मित अस्पताल का संचालन शुरु कराने का गुहार लगाया है। स्वामी जी ने वर्तमान कोरोना काल में अस्प्ताल की आवश्यकता का हवाला देते हुए कहा है कि  करोड़ों रुपए के लागत से अस्पताल के रुप में इब्राहीमपट्टी में खड़ा विशाल भवन मवेशियों का चारागाह बन गया है। जिसे जनहित में संचालित कराने से आसपास के कई जनपदों को स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।

सरकार यदि चाहे तो उक्त अस्पताल को कोविड अस्पताल या आक्सीजन प्लांट के तौर पर प्रयोग कर जनता की जान बचा सकती है।


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