आफाक मास्टर! आप बहुत याद आएंगे
- राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक की कोरोना से मौत
- कब्र में मिट्टी के दौरान टूटी मजहबी दीवार
लार। क्षेत्र के राम नगर निवासी व प्राथमिक विद्यालय रावतपार अमेठीया के प्रधानाध्यपक आफाक अहमद की बीती रात कोरोना से मौत हो गयी। उनके पार्थिव शरीर को गाव के कब्रिस्तान में जब मिट्टी दी गयी तो मजहबी दीवार ढहती नजर आयी। क्षेत्र के दर्जनों शिक्षक व सैकड़ों की संख्या में पहुंचे हिन्दू-मुसलमानों ने उन्हें सुपर्दे खाक किया।
15 अप्रेल को अपने फेसबुक वॉल पर आफाक ने स्वतः अपने को कोरोना पाजेटिव होने की सूचना दी। उन्होंने यह भी लिखा कि जो लोग मेरे सम्पर्क में रहे हैं वे अपनी जांच करा लें। हालत खराब होने पर वे पटना में एक रिश्तेदार के हॉस्पिटल में चले गए। बेहतर और उच्च कोटि के इलाज के बावजूद 23 अप्रेल को उनकी मौत हो गयी।
आफाक अहमद राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक थे। देवरिया जिले के एक मात्र शिक्षक थे जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत 4 सितम्बर 2019 को लखनऊ में राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया था। आफाक ने न केवल रावतपार अमेठीया स्कूल का कायाकल्प किया बल्कि शिक्षा विभाग के रोलमाडल बने और बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से कई बार सम्मानित हुए। स्वाश्थ्य विभाग, विकास विभाग, पुलिस विभाग में कार्यरत कई अधिकारियों-कर्मचारियों के चहेते रहे।
आफाक अहमद के परिवार में पत्नी शुफ़िया आफाक, बेटा 9 वर्षीय अजमत आफाक, बेटियां 6 वर्षीय एकरा और 3 वर्षीय आलिया हैं। उनके प्रगाढ़ मित्रों में स्वाश्थ्य विभाग के यतीश रॉय, शिक्षा विभाग में गोविंद मिश्र, पुलिस विभाग में दरोगा विनय कुमार सिंह, ठेकेदार नीरज सिंह,दरोगा सिंह, बिल्लू सिंह, टुन्ना चौधरी, मनीष सिंह, चंद्र प्रकाश यादव, राम प्रकाश यादव उर्फ मुंुन्ना आदि ने गहरा दुख व्यक्त किया है।-
- पांडे एन डी देहाती की रिपोर्ट