या देवी सर्वभूतेषु निवेदिता रूपेण संस्थिता….
- कोख में 7 माह का बच्चा और मेहरौना बॉर्डर पर प्रवासियों की जांच, स्टाफ नर्स निवेदिता रॉय शक्ति स्वरूपा बनीं
लार से पांडे एन डी देहाती की रिपोर्ट
कोख में 7 माह का बच्चा, प्रसव का समय नजदीक, चारों तरफ कोरोना का कहर और इस बीच परदेस से आ रहे प्रवासी मजदूरों की अनवरत जांच का जिम्मा। महामारी के दौरान सीएचसी लार की स्टाफ नर्स निवेदिता राय रोज 8 बजे यूपी-बिहार के बॉर्डर पर पहुंच जाती थीं। यूं तो 8 मार्च 20 को देश मे लॉक डाउन लगा लेकिन पहली अप्रैल 20 से स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगी तो मई के पहले हफ्ते तक उनकी दिनचर्या कठिन दौर की थी। भूखे, प्यासे बीमार हाल में धूल मिट्टी से सने कई कई दिनों से न नहाए हुए मजदूरों के बीच निवेदिता ने न खुद की परवाह की और न कोख में पल रहे बच्चे की। कर्तव्यपथ पर डटीं एक 22 वर्षीय नर्स को कोरोना से इस हाल में दो-दो हाथ करते जिसने भी देखा दांतों तले उंगली दबा ली। हाथों में दास्ताने, मुँह पर मास्क और लोंगों की थर्मल जांच। मजदूरों का सेनिटाइजर से हाथ धुलवाना और कोरोना के लिए जागरूक करने में इस बेटी के प्रसव के दिन पूरे होने लगे थे। आखिरकार जब दिन नजदीक आया तब जाकर चिकित्सा विभाग ने उन्हें आराम की सलाह दी। आज नवरात्र के दिन शक्ति स्वरूपा माँ जगत जननी की आराधना का दिन है। हम शक्ति के ही दूसरे स्वरूप में अवतरित निवेदिता राय को भी नमन करते हैं।
डर तो बहुत था। जिम्मेदारी भी बहुत थी। चारों ओर हाहाकारी दृश्य थे। हमने कर्तव्य पथ को प्राथमिकता दी। ईश्वर ने हमारा साथ दिया। ड्यूटी से छूटने के कुछ ही दिन बाद हमने एक स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया।
–निवेदिता राय
स्टाफ नर्स
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- निवेदिता राय की जितनी तारीफ की जाय कम होगी। मेहरौना बॉर्डर पर प्रवासी मजदूरों ही नहीं आस पास के ग्रामीणों का भी अपनी सेवा से दिल जीत लिया था। हमें निवेदिता पर गर्व है।
–डॉ बीवी सिंह, अधीक्षक
- निवेदिता राय की जितनी तारीफ की जाय कम होगी। मेहरौना बॉर्डर पर प्रवासी मजदूरों ही नहीं आस पास के ग्रामीणों का भी अपनी सेवा से दिल जीत लिया था। हमें निवेदिता पर गर्व है।