गेंहू जलने के सदमे में गयी महिला किसान की जान

देवरिया। यूं तो सांसें गिन के मिली हैं। काल पूरा होने पर महाकाल भी नहीं बचा पाता। जिले के लार थाना क्षेत्र के नेमा गाँव मे आग लगने से एक महिला किसान का गेहूं जल गया। महिला किसान सदमा नहीं बर्दास्त कर सकी और उसने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों को इस बात का भी मलाल है कि महिला किसान की मौत की सूचना पर कोई जनप्रतिनिधि झांकने तक नहीं आया।
लार थाना क्षेत्र के नेमा गांव के छोटका टोला निवासी सोनमती पत्नी सदानंद चौहान उम्र 45 वर्ष की सोमवार की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। उपचार कराने के लिए परिजन उसे समीप के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर लेकर पहुंचे। लेकिन चिकित्सक ने महिला को मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि बीते 4 अप्रैल को रविवार की दोपहर नेमा गांव में गेहूं के एक खेत में अचानक आग लग गई।आंधी की तरह चल रही तेज पछुआ हवा के साथ आग में मिलकर नेमा, तकिया, धरहरा, बावनपाली, सहित अनेक गांवों में किसानों का सैकड़ों एकड़ फसल जला कर राख कर दिया था। इस घटना में मृतका का भी गेहूं जल कर राख हो गया था। मृतक महिला अपने खेत में गेहूं की जलती फसल को देख कर सदमें में आ गई थी। आगजनी की घटना से ही चिंतित महिला की मौत सोमवार की रात को हो गई। मृतका का पति सदानन्द घर की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए गुजरात की एक कंपनी में मजदूरी करता है। घर के मुखिया को गुजरात में रविवार को गेहूं की फसल जलने की सूचना और दूसरी रात सोमवार को पत्नी के मौत की सूचना उस बज्रपात बनकर टूट पड़ा। महिला किसान की मौत पर नेमा ही नहीं आसपास के क्षेत्र में भी गम है।