शराब माफिया ने दरोगा को वर्दी उतार कर पीटा, सिपाही की कर दी हत्या

मृतक सिपाही देवेंद्र (फ़ाइल फ़ोटो)

कासगंज। कानून का भय समाप्त हो गया है। शराब माफिया पुलिस पर भारी पड़ रहे हैं। प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाने और बेचने का कार्य हो रहा है। आबकारी विभाग मटरगस्ती और वसूली में व्यस्त है। मंगलवार को एक शराब माफिया ने नोटिस तामील कराने गए एक दरोगा की वर्दी उतार कर जमकर पिटाई की। साथ के सिपाही की पीट पीट कर हत्या कर दी। पुलिसकर्मियों के असलहे लूट लिए गए। इन सब के बावजूद यदि कोई कहे कि उत्तर प्रदेश में भयमुक्त शासन है तो इसे क्या कहेंगे। कासगंज जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर गंगा की कटरी में स्थित गांव नगला धीमर में दारोगा अशोक कुमार सिंह (नगला गबे, किशनी, मैनपुरी) और सिपाही (देवेंद्र कुमार नगला बिंदू, डौकी, आगरा) मंगलवार शाम शराब माफिया मोतीराम की कुर्की का नोटिस चस्पा करने गए थे। हिस्ट्रीशीटर मोतीराम के विरुद्ध 11 मुकदमे पंजीकृत हैं। गांव में माफिया ने दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया और एक पेड़ से बांधकर जमकर पीटा। इसके बाद माफिया व ग्रामीण दोनों को डेढ़ किलोमीटर दूर खेत पर ले गए। वहां भी दोनों की पिटाई की, वर्दी भी फाड़ दी। शराब माफिया के इस कृत्य पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आक्रोश व्यक्त किया है। रासुका लगाने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कासगंज में सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के नगला धीमर गांव में सिपाही देवेंद्र कुमार की मृत्यु की घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने कि राज्य सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। कानून व्यवस्था के संबंध में किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए संबंधित दोषियों के विरुद्ध अविलंब और सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने इस घटना में घायल दारोगा के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सिपाही के परिजनों को 50 लाख का मुआवजा देने की भी घोषणा की है। साथ ही सीएम ने मृतक सिपाही के आश्रित को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की है।

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