लार में पुलिस-पीएसी की मौजूदगी में अतिक्रमण का हुआ चिन्हीकरण

  • लार में पुलिस-पीएसी की मौजूदगी में अतिक्रमणकारियों की दुकानों में लगे लाल निशान
  • एडीएम प्रशासन के निर्देश पर राजस्व टीम ने किया चिन्हांकन
  • लार में माहौल गरमाया

लार( देवरिया)। टूटेगा गुरूर धीरे-धीरे। कुछ इसी तर्ज पर हटेगा अतिक्रमण धीरे-धीरे। लोंगों का भ्रम भी टूटेगा धीरे-धीरे। शुक्रवार को राजस्व टीम ने पुलिस व पी ए सी की मौजूदगी में लार नगर के उन दुकानदारों की दुकान पर लाल निशान लगा दिए जिन्होंने अतिक्रमण किया है। औसतन सड़क की दोनों तरफ 10 से 12 फीट का निर्माण ध्वस्त होगा। सड़क चौड़ी होगी। लार के 150 वर्ष के इतिहास को बदलने की कवायद जारी हो चुकी है। गुरुवार को एडीएम प्रशासन कुँअर पंकज ने लार में दुकानदारों से बात करते वक्त इस बात के संकेत दे दिए थे कि जिलाधिकारी कोर्ट के फैसले का हर हाल में पालन कराया जाएगा।नगर पंचायत लार में सड़क के दोनों तरफ किए गए अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर गुरूवार को एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज व एसडीएम ओमप्रकाश बरनवाल ने कस्बा का निरीक्षण किया था। सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए शुक्रवार से सीमाकंन करने का निर्देश दिया था। शुक्रवार को इस दौरान बाजार में अफरा तफरी मची रही। मुख्य मार्ग पर प्रशासन पैमाइश करा रहा था जिसके चलते लखु मोड़ से चनुकी मोड़ तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था।
लार नगर पंचायत का गठन वर्ष 1871 में हुआ था। राहगीरों की सहूलियत के लिए मुख्य बाजार के रास्ते सड़क बनाई गई थी। यह सड़क देवरिया से होते हुए बिहार तक जाती है। नगर पंचायत प्रशासन के मुताबिक उसी समय से मुख्य सड़क की चौड़ाई नक्शे में 46 फुट (70 कड़ी) है। जबकि इधर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर कब्जा कर लिया। जिससे चौड़ाई 20 कड़ी यानी 13 फुट में सिमटकर रह गई है। इस रास्ते से होकर गुजरने में लोगों के माथे पर पसीना आ जाता है। शायद ही कोई ऐसा दिन हो जिस दिन जाम न लगता हो। यहां तक की घंटों एंबुलेंस फंस जाती है। नगर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने को लेकर छह नोटिस जारी कर सड़क से अतिक्रमण खाली कराने को लेकर निर्देश दिया। इससे परेशान मकबूल व अन्य 16 लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले को हाईकोर्ट ने डीएम कोर्ट देवरिया भेज दिया। यहां ईओ के पक्ष को बरकरार रखते हुए डीएम कोर्ट ने 22 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रख 24 दिसंबर को नगर पंचायत के पक्ष में फैसला सुनाया। फैसला पक्ष में आते ही नगर पंचायत अतिक्रमण हटवाने को लेकर सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार 8 जनवरी 21 को नगर में सीमांकन व चिन्हीकरण का कार्य हुआ। दुकानदार जिलाधिकारी देवरिया कोर्ट के फैसले के विरुद्ध कमिश्नरी में वाद दाखिल किए हैं लेकिन अभी कोई रिलीव नहीं मिली है। सुनवाई की तारीख 19 फरवरी को मुकर्रर है। जानकार लोगों का कहना है कि यदि स्थगन नहीं है तो प्रशासन अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई कर सकता है।

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