भूमि विवाद में हत्या के बाद ग्रामीणों ने घेरा थाना
मईल थाने के घेराव के बाद पहुंचे जिलाधिकारी अमित किशोर व एसपी डॉ श्रीपति मिश्र
देवरिया। लचर कानून व्यवस्था । भूमि विवादों का समय से निस्तारण न होने के चलते और प्रतिपक्षी पर सदा मईल पुलिस की मेहरबानी से एक व्यक्ति की पीट पीट कर हत्या कर दी गयी। पांच लोग गम्भीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। हत्यारोपी पुलिस विभाग का रिटायर दरोगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि विवाद के इस मामले में स्थानीय पुलिस रिटायर दरोगा की मदद करती रही। दरोगा ने पीड़ित पक्ष की जमीन कब्जा कर लिया। गुरुवार को दरोगा और उसके लोगों ने पीट पीट कर पीड़ित परिवार के एक बुजुर्ग की हत्या कर दी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को जिले के मईल थाने का घेराव किया। घेराव की सूचना पर जिलाधिकारी अमित किशोर व पुलिस अधीक्षक डॉ श्रीपति मिश्र मईल पहुंचकर लोगों को समझाबुझा कर घेराव समाप्त कराया।
देवरिया के मईल क्षेत्र के बगहा गांव में भूमि विवाद को लेकर गुरुवार की सुबह गांव के मनबढ़ो ने कपड़ा व्यवसाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस घटना में पांच लोग घायल हैं। सभी का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की लेकिन घटना से नाराज लोगों ने शव नहीं ले जाने दिया। लोग थाने का घेराव करने के बाद थाने के सामने धरने पर बैठ गए हैं। ये मौके पर अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे हैं। परिजन पुलिस पर हत्यारों को बचाने का आरोप लगा रहे हैं। बगहा गांव के रहने वाले हरिशंकर गुप्ता( 60) मईल चौराहे मकान बनवा कर अपनी कपड़े की दुकान चलाते थे। बुधवार को उनके परिजनों ने गांव की भूमि पर पड़ोसी द्वारा कब्जा करने की जानकारी दी । जिस पर वह अपने बेटे के साथ गांव पहुंचे। आरोप है कि उनकी भूमि पर पड़ोसी रिटायर्ड दरोगा ने नाद और अन्य समान तोड़ते हुए अपनी दिवाल चलवा लिया था। उन्होंने इसका विरोध किया तो वह आक्रोशित हो गए। आसपास के लोगों ने समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया। गुरुवार की सुबह पड़ोसी 10-12 लोगों के साथ लाठी-डंडे से लैस होकर हरिशंकर के घर पर हमला कर दिए। हमलावर हरिशंकर को लाठी-डंडों से पीटने लगे, यह देखकर परिवार के सदस्य उन्हें बचाने आए तो हमलावरों ने उन्हें भी मारपीट कर घायल कर दिया। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस समय रहते मौके पर नहीं पहुंची। हमलावरों की पिटाई से हरिशंकर गुप्ता की मौत हो गई । वही उमाशंकर (55) पुत्र हीरा, संतोष गुप्ता (40 ) पुत्र हरिशंकर, विपुल (25) पुत्र उमाशंकर , प्रमोद (35 ) पुत्र हरिशंकर और उमा शंकर की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास के लोग और परिजन घायलों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। करीब दो घंटे बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण थाने पहुंचे और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव करते हुए उसके सामने मईल-मुसैला मार्ग पर धरने पर बैठ गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हत्यारोपी रिटायर्ड दरोगा है। इसके चलते मईल पुलिस उसके सहयोग में खड़ी रहती है। पिछले एक माह में कई बार विवाद हो चुके हैं। जिसकी सूचना थाने को दी गई थी, लेकिन पुलिस ने रिटायर्ड दरोगा के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की ।