लार लूटकांड: सात बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़े
- सलेमपुर के सीओ और एसओजी टीम की सक्रियता से पुलिस गिरफ्त में आये बदमाश
- पुलिस अधीक्षक डॉ श्रीपति मिश्र के कुशल निर्देशन में पुलिस को मिली सफलता, एक-दो दिन में होगा पर्दाफास
देवरिया: लार थाना क्षेत्र के पिपरीडीह ईंट भट्ठे पर गुरुवार की रात हुई डकैती के मामले में एसओजी टीम की सक्रियता से पुलिस ने सरगना समेत सात बदमाशों को हिरासत में ले लिया है। इन बदमाशों के गोरखपुर के गगहा में हुई ईंट भट्ठे पर डकैती में भी शामिल होने की सम्भावना जताई जा रही है। घटना में सम्मलित अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए बलिया व बिहार में भी पुलिस दबिश दे रही है। सूत्र बताते हैं कि एक से दो दिन में पुलिस घटना का पर्दाफाश कर देगी।
लार थाना क्षेत्र के पिपरीडीह ईंट भट्ठे पर गुरुवार की रात मुंशी समेत तीन कर्मचारियों को बंधक बनाकर तब लूटपाट हुई जब जिले के पुलिस प्रमुख डॉ श्रीपति मिश्र ने पुलिस को पहले ही सक्रिय रहने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लार थाने से महज 500 मीटर दूरी पर लूट हो जाना लार पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। एसपी देवरिया ने हल्का के दरोगा और तीन सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया। सूत्र बताते हैं कि एसपी की कार्रवाई के बाद एसओजी ने अपनी गति और तेज कर दिया।डकैत गिरोह का सरगना विष्णुदेव निवासी राजा गांव थाना बांसडीह जनपद बलिया पुलिस के हत्थे चढ़ा तो पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों का भी नाम बता दिया है। घटना में लार थाना क्षेत्र के हरखौली के खरका टोला स्थित बिस्मिल्लाह खा के मछलीपालन के पास रहने वाला नट लोहा सिह की भूमिका भी मिली है। बदमाशों से उसके मोबाइल पर बात होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने उसे भी दबोच लिया। भट्ठे पर काम करने वाली आदिवासी महिलाओं, जिनके साथ लूटपाट की घटना हुई है उनके सामने पकड़े गए लोगों को पेश किया गया तो महिलाओं ने चार की पहचान कर पुलिस को बता दिया कि ये घटना में सम्मलित रहे हैं। समझा जाता है कि दो दिन के अंदर पुलिस इस लूटकांड का पर्दाफास कर देगी। सलेमपुर के डिप्टी एसपी श्रीयश त्रिपाठी व एसओजी टीम की भूमिका काफी सराहनीय रही।