पकड़ा गया पशु तस्कर, बरामद हुए 28 गोवंश
देवरिया। लार पुलिस की सक्रियता से आज फिर एक ट्रक जानवर पकड़ लिए गए। बिहार बार्डर की चौकी का एक सिपाही पर तस्करों ने ट्रक चढ़ाने का प्रयास किया। सिपाही की जान तो बची लेकिन पैर फैक्चर हो गया। चौकी इंचार्ज मेहरौना अमर नाथ सोनकर ने मीडिया से कहा कि मेहरौना बार्डर के रास्ते किसी प्रकार की तस्करी नहीं होने दी जायेगी।
यूपी से बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल कत्लखाने में गोवंश भेजने का सिलसिला थम नहीं रहा। गुरुवार को सुबह लगभग 6 बजे चौकी इंचार्ज मेहरौना अमर नाथ सोनकर, हेड कांस्टेबिल देवी शंकर त्रिपाठी, सिपाही बबलू गिरी, दीपक जायसवाल व कृष्णा सिंह बार्डर पर वाहनों को चेक कर रहे थे। जरिये मुखबिर पुलिस को सूचना मिली कि आजमगढ़ से एक ट्रक पर गोवंश लाद कर पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा है। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर ट्रक का इंतजार करने लगी। गोवंश लदे ट्रक का चालक जब आगे बैरिकेडिंग देखा तो वाहन को चुरिया जाने वाली सड़क पर उतार दिया। मेहरौना के सिपाही बबलू गिरी बाइक पर सवार होकर एक ग्रामीण के साथ ट्रक के पीछे हो लिए। अचानक बाइक ज्योही ट्रक से साइड लेकर आगे बढ़ी चालक ने कुचलने की नियत से ठोकर मार दिया। सिपाही और ग्रामीण सड़क के बगल की खत्ती में गिर पड़े। मौके से चालक फरार हो गया।
पुलिस ने ट्रक से 28 गो वंश बरामद किये जिसमें 20 गायें, 8 बैल थे। थाने पर जब पशुओं को उतारा गया तो एक बैल मृत मिला। इस मामले में गोतस्कर रिंकू यादव पुत्र राम चंदर यादव, निवासी-फरिहा, थाना- गम्भीरपुर, आजमगढ़ को गिरफ्तार कर गोवध अधिनियम व 333 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया।
ट्रक के आगे आगे लग्जरी गाडी से चल रहा था मुख्य तस्कर
थाने में बन्द रिंकू यादव से जब मीडिया ने पूरे घटनाक्रम को पूछा तो उसने बताया कि आजमगढ़ से गोवंश लोड किये गए थे। असली मालिक चारपहिया वाहन से आगे आगे चल रहे थे। उन्हीं के लोकेशन पर हम ट्रक लेकर पीछे पीछे आ रहे थे। मेहरौना बार्डर से असली मालिक पार हो गए, तबतक किसी की मुखबिरी की वजह से पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा दिया और हमने गाडी दूसरी लिंक सड़क पर उतार दी और पकड़ लिए गए।