महिलाओं के मन की बात मोदी जी आख़िर कब सुनेगें
- महिलाओं के मन की बात – शराब की दुकानें बंद होने से घर व गांव में शांति है, हमेशा के लिए बंद कर दे सरकार
आशा ओझा | लॉकडाउन के दौरान एक महीने से ज्यादा हो गया है कि सरकार ने शराब दुकानों को बंद रखा है। ऐसे में शराबबंदी की ओर कदम बढ़ाने के लिए सरकार को बेहराडाबर गांव की महिलाएं अपने मन की बात बता रही है। यह गांव है देवरिया जनपद के भटनी थाना क्षेत्र का जहां की महिलाओं ने अपने मन की बात द न्यूज़ वाला के साथ शेयर की। उन्होने बताया कि – अब तक शराब दुकानें बंद रहने से गांव में बहुत ही सुख शांति है। कहीं कोई झगड़ा फसाद नहीं हो रहा है, घर में भी कोई विवाद की स्थिति नहीं है। ऐसे में यह शांति और माहौल बना रहे इसलिए शराबबंदी आगे भी जरूरी है। महिलाओं व गांव के अन्य लोगों का मानना है कि शराब ही लड़ाई झगड़े की असली जड़ होती है। नशे के कारण ही कई अपराध होते हैं। जिससे वो अपना और समाज का नाम भी करते हैं । गांव में रहने वाली कौशल्या, मंजु, रीता, उषा, मीनाक्षी, लता का कहना है कि शराब खराब है। इससे कई परिवार तबाह हो जाते हैं और घर हो या गांव नशे के कारण अशांति का माहौल हरदम बना रहता है।
इन राज्यों में हैं पूर्ण रूप से शराबबंदी
गुजरात, बिहार, मिज़ोरम और नागालैंड में पूर्ण रूप से शराबबंदी है। 2016 में बिहार में शराबबंदी लागू हुई। बिहार आबकारी और निषेध अधिनियम 2016 के तहत पटना हाई कोर्ट में इस साल 8 जुलाई तक 2.08 लाख मामले दायर किए गए थे। जिसमें से केवल 2,629 मामलों पर सुनवाई पूरी हुई थी।