जम्मू-कश्मीर: 6 आतंकियों के घर ध्वस्त | The Newswala

श्रीनगर, 26 अप्रैल 2025: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों की कड़ी कार्रवाई जारी है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने शोपियां, पुलवामा और कुलगाम में छह आतंकवादियों के घरों को विस्फोटकों से ध्वस्त कर दिया। इनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों के ठिकाने शामिल हैं। इस बीच, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने पहलगाम हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने निष्पक्ष जांच की पेशकश की है।

सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। सूत्रों के अनुसार, ध्वस्त किए गए घरों में लश्कर के आतंकी आसिफ शेख, आदिल ठोकेर, हारिस अहमद और जैश के अहसान उल हक, जाकिर अहमद गनई और शाहिद अहमद कुटे के ठिकाने शामिल हैं। इनमें से कुछ आतंकी 2018 से पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे। सुरक्षाबलों ने संदिग्ध वस्तुओं की मौजूदगी के आधार पर इन घरों को निशाना बनाया।

TRF ने खारिज की जिम्मेदारी

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी संगठन TRF, जिसने शुरुआत में पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी, ने अब इससे इनकार कर दिया है। संगठन ने दावा किया कि उनका इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, भारतीय खुफिया एजेंसियां इसे आतंकी संगठनों की रणनीति का हिस्सा मान रही हैं। जांच में पता चला है कि हमले में AK-47 जैसे हथियारों का इस्तेमाल हुआ और इसे पाकिस्तान से संचालित आतंकियों ने अंजाम दिया।

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पाकिस्तानी PM की निष्पक्ष जांच की पेशकश

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमले को लेकर निष्पक्ष जांच की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान का इस हमले से कोई संबंध नहीं है और वह जांच में सहयोग के लिए तैयार है। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि आतंकी संगठनों को पाकिस्तान से समर्थन मिलता रहा है। पूर्व पेंटागन अधिकारी माइकल रुबिन ने भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों को सजा देने की मांग की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे “बेहद बुरा हमला” करार दिया, जबकि कनाडा और ब्रिटेन के नेताओं की प्रतिक्रिया में सख्ती की कमी को लेकर भारत ने नाराजगी जताई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारत के साथ एकजुटता दिखाई।

आगे की रणनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शाह ने श्रीनगर में उच्चस्तरीय बैठक की और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी है और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। जांच एजेंसियां हमले के पीछे की साजिश का पता लगाने में जुटी हैं, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हुई आतंकी रैली की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

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