डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला अब गैर-जमानती अपराध, 7 साल तक की सजा और 5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान

  • केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हमले को किसी भी शर्त पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,’ उनकी सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार पूरा संरक्षण देने वाला अध्यादेश जारी करेगा
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर प्रेस को संबोधित करते हुए। फोटो: ANI

कोरोना वायरस से लड़ाई का पहला मोर्चा संभाल रहे डॉक्टरोंऔर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए सरकारने सख्त कानून का रास्ता साफ कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में कैबिनेट ने बुधवार को 123 साल पुराने महामारी कानून में संशोधनों का अध्यादेश पास कर दिया। केंद्रीयमंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि डॉक्टरों और किसी स्वास्थ्यकर्मी पर हमला अब बर्दाश्तनहीं किया जाएगा। अब अगर किसी पर हमला किया जाता है तो अधिकतम साल की सजा और लाख जुर्माने का प्रावधान कानून में रखा गया है। ऐसा हमला संज्ञेय और गैर-जमानती अपराधमाना जाएगा।

जावड़ेकर ने यह भी बताया कि महामारी से लड़ने वालों के खिलाफ हिंसा हो रही है और लोग उन्हें बीमारी फैलाने वाला समझ रहे हैं।महामारी कानून 123 साल पहले का है और इसमें हमने बदलाव किया है। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए सरकार ने देश में मई तक लॉकडाउन घोषित किया गया है।

इस अध्यादेश की अहम बातें

  • आरोग्यकर्मियों पर हमला गैर-जमानती अपराध माना जाएगा।
  • जांच अधिकारी को 30 दिन के भीतर जांच पूरी करनी होगी।
  • ऐसे अपराध में 3 महीने से 5 साल तक की सजा और 50 हजार से 2 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • गंभीर चोट आने की स्थिति में 6 महीने से 7 साल तक की सजा और एक लाख से 5 लाख तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • अगर आरोग्यकर्मियों की गाड़ी और क्लीनिक का नुकसान होता है तो उसकी मार्केट वैल्यू का दोगुना हमला करने वालों से वसूला जाएगा।
यह भी देखें  देवरिया: रद्द हुआ अमित शाह का कार्यक्रम, मायूस हुए टिकट के दावेदार

About Author

Leave a Reply

error: Content is protected !!