पार्श्व गायक सोनू निगम से गोरखपुर प्रशासन मांग रहा अपना 40 लाख

गोरखपुर। सरकारी धन के अपव्यय का एक नमूना गोरखपुर में देखने को मिला। यूँ तो महोत्सवों के नाम पर पूरे प्रदेश में धन की बर्बादी हुई। देवरिया में खेसारी लाल के कार्यक्रम में कुर्सियां टूटी। लाठी भाजी गयी। 30 मिनट में गायक को मंच छोड़ भागना पड़ा। उधर गोरखपुर में पार्श्व गायक सोनू निगम का कार्यक्रम नहीं हो सका। जिस दिन कार्यक्रम था उस दिन ओमान के सुल्तान के निधन पर राष्ट्रीय शोक हो गया। दूसरे दिन सोनू निगम कही और सट्टा पर थे। अब गोरखपुर जिला प्रशासन अपने 40 लाख रूपये मांग रहा। लोग कह रहे क्या जरूरत थी इतने महंगे सट्टा करने की। सट्टा करके कार्यक्रम न कराएंगे तो पैसा डूबेगा ही। मशहूर गायक सोनू निगम से गोरखपुर जिला प्रशासन ने 40 लाख रुपये वापस मांगे हैं । सोनू निगम को नोटिस भी जारी की जा रही है। नोटिस में रुपए वापस करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। ऐसे में मार्च के पहले सप्ताह तक रुपए वापस नहीं किये तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। दरअसल बीते 11 से 13 जनवरी तक आयोजित गोरखपुर महोत्सव में बालीवुड नाइट के लिए महोत्सव समिति ने मशहूर गायक सोनू निगम को आमंत्रित किया था। 13 जनवरी को उनका शो था और उसी दिन राष्ट्रीय शोक घोषित होन के कारण उस दिन का समस्त कार्यक्रम प्रशासन को अगले दिन के लिए टालना पड़ा। व्यस्त शेड्यूल के कारण सोनू निगम अगले दिन नहीं आ सके। इसी आधार पर पर्यटन विभाग ने सोनू निगम से अपना 40 लाख रुपये वापस मांग रहा है। हालांकि एक महीने बीत जाने के बाद भी विभाग को पैसे वापस नहीं मिले हैं। जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन ने बताया कि सोनू निगम को नोटिस मेल से भेजी जा रही हैैै। कार्यक्रम को राष्ट्रीय शोक की वजह से स्थगित किया गया था। जो पैसा सोनू निगम को एडवांस में दिया गया था। वह सरकारी पैसा है। उसे जिला प्रशासन हर हाल में वापस लेगा। अभी तो उनसे नोटिस के जरिए पैसा मांगा जा रहा है। अगर निर्धारित समय के अंदर पैसा नहीं मिला तो काूनन के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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