फिर एक हिंदूवादी नेता की हत्या
लखनऊ। प्रदेश में योगी की सरकार और एक के बाद दूसरे हिंदूवादी नेता की हत्या ने सरकार और पुलिस के इक़बाल पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। अखिलेश की सरकार को गुंडाराज कहा गया, अब इस योगी राज पर सवाल हो रहे कि कैसे इसे रामराज की तरफ बढ़ते कदम की संज्ञा दी जाय। सरकार में जिस राजधानी क्षेत्र में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की उसमें भी आदमी सुरक्षित नहीं है।
हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या की आग ठण्डी नहीं पड़ी कि रविवार को मार्निग वॉक पर निकले एक दूसरे हिंदूवादी नेता की हत्या कर दी गयी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विश्व हिंदू महासभा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष व मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले रणजीत बच्चन की रविवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह मौसेरे भाई आदित्य और पत्नी कालिंदी के साथ मार्निंग वॉक पर निकले थे। हमलावर अकेले बाइक से आया था। परिवर्तन चौराहे से थोड़ी दूर ग्लोब पार्क के पास बदमाश ने रणजीत को रोक लिया। हमलावर ने असलहा तानकर रणजीत और आदित्य का मोबाइल फोन लूट लिया। इसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में रणजीत की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आदित्य के हाथ में एक गोली लगी है।
मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले रणजीत बच्चन हजरतगंज इलाके की ओसीआर बिल्डिंग के बी ब्लॉक में रहते थे। सीडीआरआई के पास बदमाशों ने गोली उन्हें गोली मार दी। इस घटना में उनके भाई के हाथ में भी गोली लगी है और उन्हें इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में एडमिट किया गया है। राजधानी के सबसे व्यस्त इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग से सनसनी फैल गई है। सुबह-सुबह हुई गोलीबारी से इलाके में दहशत का माहौल है।पुलिस कमिशन्नर सुजीत पांडेय ने रणजीत बच्चन हत्याकांड की जांच के लिए छह टीमें गठित की है। विश्व हिन्दू महासभा के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष की हत्या के बाद सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने इस घटना को लेकर सीधे योगी सरकार पर निशाना साधते हुए इस्तीफा मांगा है। पार्टी का कहना है कि लखनऊ में दिनदहाड़े इस हत्या के चलते आम लोगों में दहशत का माहौल है। यूपी में सरकार और पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है इसलिए इस सरकार को फौरन इस्तीफा दे देना चाहिए।