जब सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने दिया जवाब, तो ये बन गए भगवान

देवरिया। डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होते हैं। भगवान को तो किसी ने नहीं देखा लेकिन इन डॉक्टरों को जरूर देख सकते हैं। लार की एक मात्र महिला चिकित्सक डॉ विभा सिंह की आज बड़ी चर्चा है। चर्चा का कारण है कि जिस महिला को प्रसव वेदना में परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार में भर्ती कराया उसे देखकर सरकारी डॉक्टरों व स्टाफ नर्सों ने अपने हाथ खड़ा कर दिए। कारण था कि प्रसूता के बच्चे की टांग बाहर निकल गयी थी। वह भयंकर दर्द से छटपटा रही थी। भयंकर रक्तश्राव हो रहा था। बच्चा उल्टा होकर फंस गया था। जच्चा बच्चा की जान खतरे में थी। सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने अपने हाथ खड़े कर देवरिया रेफर कर दिया। परिजन परेशान हो गए क्योकि जिस हिसाब से भयंकर दर्द व रक्तश्राव हो रहा था देवरिया जाने में रास्ते में ही प्राण निकल जाते। लार के हाइड्रिल तिराहा से बाईपास पर थोड़ी दूर बढ़ने के बाद परिजन मरीज को लेकर वैष्णवी सेवा संस्थान पहुँच गए। संस्थान की संचालिका डॉ विभा सिंह ने मरीज देखा। स्थिति वाकई विकट थी। मरीज लार के ही नैनी गॉव की थी। अनहोनी पर बवाल की आशंका थी। फिर भी डॉ विभा सिंह और उनके पति डॉ एस एस सिंह ने अपने हुनर से नार्मल रूप से बच्चा पैदा करा दिया। एक स्वस्थ्य बच्ची पैदा हुई और प्रसूता भी स्वस्थ्य है। डॉक्टर दम्पति की सभी प्रशंसा कर रहे।