देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र में राधा-कृष्ण की मूर्ति तोड़ी

देवरिया। जिले के भटनी थाना क्षेत्र में गुरुवार को तड़के मन्दिर में स्थापित मूर्तियों के तोड़े जाने की खबर से हिन्दू वर्ग में आक्रोश व्याप्त हो गया। सूचना के बाद भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँच गया है। गॉव में तनाव की स्थिति है। मन्दिर में स्थापित भगवान श्रीकृष्ण व माँ राधिका की मूर्तियों के सर धड़ से अलग कर दिए गए हैं। गॉव के लोंगो ने इसे अराजकतत्वों की कार्रवाई बताया है।

जिले के भटनी थाना क्षेत्र में खोरीबारी से कुछ दूर पर लक्ष्मी पुर गॉव में भव्य राधा कृष्ण मन्दिर है। मन्दिर में द्वितीय तल पर 6 वर्ष पूर्व संगमरमर की भव्य मुर्तिया स्थापित हैं। मन्दिर के पुजारी बुधवार को शाम भगवान का भोग लगाकर मन्दिर के कपाट बन्द कर अपने गॉव स्थित घर सोने चले गए। भोर में जब मन्दिर की साफ़ सफाई के लिए लोग गए तो दोनों मूर्तियों के सर नीचे गिरे थे। पुजारी व ग्रामीणों ने खण्डित मूर्ति को चादर से ढँक कर पुलिस को सूचना दिया। मन्दिर में मूर्तियों के तोड़े जाने की खबर क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फ़ैल गयी। सुबह होते होते हजारो श्रद्धालु मन्दिर परिसर में पहुंच गए।

पुलिस ने पुजारी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ धारा 295 के तहत केस दर्ज कर लिया है।

धारा 295 का विवरण

जो कोई किसी उपासना के स्थान को या व्यक्तियों के किसी वर्ग द्वारा पवित्र मानी गई किसी वस्तु को नष्ट, नुकसानग्रस्त या अपवित्र इस आशय से करेगा कि किसी वर्ग के धर्म का तद्द्वारा अपमान किया जाए या यह सम्भाव्य जानते हुए करेगा कि व्यक्तियों का कोई वर्ग ऐसे नाश, नुकसान या अपवित्र किए जाने को अपने धर्म के प्रति अपमान समझेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दण्ड, या दोनों से दण्डित किया जाएगा।

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लागू अपराध
किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान को क्षति करना या अपवित्र करना।
सजा – दो वर्ष कारावास, या आर्थिक दण्ड, या दोनों।
यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

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