लार के प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ देवरिया में प्रदर्शन

देवरिया (The News Wala) :  मंगलवार को लार के प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह गौर के खिलाफ देवरिया में प्रदर्शन हुआ। कार्यकर्ताओं ने एसओ लार को बर्खास्त कर पूरे मामले की जांच कराये जाने की मांग की। इसके साथ ही लार का माहौल एक बार फिर गरम होने लगा है।

थानाध्यक्ष लार द्वारा दलित समाज के लोगों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर प्रताड़ित करने के विरोध में आल इंडिया मजलिस-ऐ-इत्तेहादुल मुस्लमीन ने मंगलवार को सुभाष चौक पर नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया और दर्ज मुकदमें वापस करने की मांग की। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अमित सिंह गौतम ने कहा कि लार थानाध्यक्ष ने 264 दलित समाज के लोगों पर मनगढ़ंत तरीके से मुकदमा दर्ज किया है। दलित वर्गों के घरों में घुसकर मारपीट की जा रही है। इसको लेकर दलित समाज भयभीत है। उन्होंने कहा कि एसओ लार को बर्खास्त कर मामले की जांच कराई जाय। प्रदर्शन करने वालों में तसलीम मलिक उर्फ मल्लू, अश्वनी भाष्कर, पंकज उर्फ जमशेद, नीकेश, राजू गौतम, अजय गौतम, विशाल गौतम, पवन गौतम आदि शामिल रहे।

गत 24 अक्टूबर 2019 की शाम को शव रखकर सड़क जाम करने और रास्ता खाली कराने गयी पुलिस टीम पर हमला के बाद रात भर अफरा तफरी का माहौल हो गया था। पथराव में दो दरोगा व चार सिपाही घायल हुए हैं। आधी रात को दरोगा अमित पाण्डेय, दरोगा राकेश पाण्डेय, का0 धीरज, का0 शमसुल खान, का0 वैभव प्रताप सिंह, का0 जयहिंद राजभर का मुलाहिजा कराने के बाद 14 नामजद व 250 अज्ञात लोंगो पर केस दर्ज हुआ।
केस के वादी दरोगा अमित पाण्डेय ने तहरीर दिया कि वे अपने साथ तीन दरोगा व कुछ सिपाहियों के साथ क्षेत्र में कानून व्यवस्था के मद्देनजर कस्बा में भ्र्मण कर रहे थे। पिपरा चौराहे पर हरिजन बस्ती के लोग एक दुर्घटना में घायल रविंद्र कुमार पुत्र सीताराम का शव बीच सड़क में रखकर मार्ग अवरुद्ध कर रहे थे। मना करने पर पथराव कर दिए। सरकारी गाडी का शीशा तोड़ दिए। सिपाहियों की रायफल लुटने का प्रयास किये। पुलिस को गाली गलौज करते मारपीट कर मौके से भगा दिए।
इस मामले में हरिजन बस्ती के रमाकांत भारती, सुदर्शन प्रसाद, राजकुमार, बन्टी, सतेंद्र, डाकटर, हृदयाशंकर, सुदामा, अमेरिका, सेतु कुमार, अभिषेक निगम जमसड़ा, अवनीश सिंह बौली, अमर नाथ चोरडीहा, पवन कुमार मटियरा जगदीश व 250 लोंगो पर केस दर्ज हुआ। अब इस घटना को लेकर राजनितिक दबाव बनाने का प्रयास हो रहा है। इन सारी घटनाओं के पीछे एक मार्ग दुर्घटना में एक दलित युवक की दुखद मौत को कारण बताया जा रहा है। मृतक के परिजन कुछ लोंगो पर जानबूझकर वाहन चढ़ा कुचलकर मारने का आरोप लगाये थे। एसओ पर आरोप है कि उन्होंने आरोपित युवकों पर जातिवादी मानसिकता की वजह से कार्रवाई नहीं किये। जबकि पुलिस का दावा है कि जांच में दुर्घटना की ही बात सामने आई।

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