बलिया-देवरिया को जोड़ने वाले तुर्तीपार पुल में दरार

*बलिया से डॉ एम के पाण्डेय की रिपोर्ट*

बलिया। बलिया से देवरिया को जोड़ने वाले तुर्तीपार पुल में फिर दरार आ गयी। सोनौली से बलिया को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने इस पुल में दरार आने से आवागमन के दिक्कत का खतरा बढ़ा है। तीन वर्ष पहले ही इस पक्के पुल पर मरम्मत का कार्य हुआ था। आश्चर्य इस बात का भी है कि पक्के पुल से लगभग एक किमी पूरब ही रेल का पुल है। अंग्रेजों के जमाने से बने इस पुल पर अभी कोई खराबी नहीं आई और सड़क पुल के निर्माण में कमीशनखोरी और घटिया निर्माण के चलते अपने अल्प समय में ही पुल पर दरार आने लगी। अपने निर्माणकाल से अबतक कई बार इस पुल की मरम्मत का कार्य हुआ। कई बार बड़े वाहनों का संचलन ठप्प हुआ। अब तो लोग कहने लगे हैं कि अंग्रेज बहुत बुरे थे तो उनके समय के कई निर्माण अब भी बदस्तूर हैं और आजादी के बाद लोकतान्त्रिक व्यवस्था में बने निर्माण अपने घटिया निर्माण के चलते अपनी आयु के पूर्व ही खस्ताहाल हो रहे हैं।बलिया को देवरिया-गोरखपुर से जोडऩे वाली घाघरा नदी पर बने तुर्तीपार पुल की सड़क फिर से चटकने लगी हैं। इस पर दरारें चौड़ी हो गई हैं। इससे एकबार फिर सफर जानलेवा हो गया है। लगातार भारी वाहनों व ओवरलोड बड़े वाहनों के आवागमन से पुल के आरसीसी स्लैब टूटने लगे हैं और टूटी सड़क से सरिया (लोहे का छड़) बाहर आ गया है। इसके कारण पुल पर छोटे-बड़े दर्जनों गड्ढे हो गए हैं।यदि समय रहते तुर्तीपार पुल की मरम्मत ठीक से नहीं करायी गयी तो यह पुल जानलेवा साबित होगा।

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