पाकिस्तान का शर्मनाक कदम: साइक्लोन दितवाह प्रभावित श्रीलंका को भेजी एक्सपायर्ड राहत सामग्री
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नई दिल्ली, 2 दिसंबर 2025 | The NewsWala – श्रीलंका में साइक्लोन दितवाह की तबाही के बीच पाकिस्तान ने मानवीय सहायता का दिखावा करते हुए जो राहत सामग्री भेजी, वह एक्सपायर्ड निकलने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का कारण बन गई। फूड पैकेट्स, पानी की बोतलें, दूध पाउडर और बिस्कुट जैसे सामान पर एक्सपायरी डेट अक्टूबर 2024 की थी, जो नवंबर में ही समाप्त हो चुकी थी। पाकिस्तान हाई कमीशन की सोशल मीडिया पोस्ट से ही यह मामला उजागर हो गया, जिसके बाद पोस्ट डिलीट करनी पड़ी।
श्रीलंका के विपक्षी दलों, स्थानीय संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने पाकिस्तान की इस ‘नीचता’ की कड़ी निंदा की है। हैशटैग #ExpiredAidPakistan ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स इसे ‘राहत के नाम पर अपमान’ बता रहे हैं। श्रीलंका सरकार ने पाकिस्तान से स्पष्टीकरण और नई सामग्री भेजने की मांग की है।
- 30 नवंबर 2025: पाकिस्तान हाई कमीशन ने X पर राहत सामग्री की तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें ‘पाकिस्तान हमेशा श्रीलंका के साथ’ का दावा किया।
- 1 दिसंबर 2025: श्रीलंका पहुंची सामग्री की जांच में एक्सपायरी डेट सामने आई। यूजर्स ने तस्वीरों को वायरल कर आलोचना शुरू की।
- 2 दिसंबर 2025: पोस्ट डिलीट होने के बावजूद विवाद बढ़ा। पाकिस्तान पर पुरानी सामग्री रीसायकल करने का आरोप लगे, जो 2023 में तुर्की से मिली बाढ़ राहत जैसी ही बताई जा रही है।
इस बीच, भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका को 53 टन राहत सामग्री भेजी, जिसमें इमरजेंसी राशन, दवाइयां और बचाव उपकरण शामिल हैं। भारतीय नौसेना के जहाजों से 9.5 टन सामग्री कोलंबो पहुंचाई गई। दिलचस्प यह है कि भारत ने पाकिस्तानी विमान को श्रीलंका राहत के लिए अपने एयरस्पेस से गुजरने की मंजूरी मात्र 4 घंटों में दे दी, जो मानवीय आधार पर था। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी मीडिया के झूठे दावों (एयरस्पेस न देने) को सिरे से खारिज कर दिया।
राजनयिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना पाकिस्तान की छवि को और धूमिल करती है, खासकर जब पड़ोसी देश संकट में हो। श्रीलंका में साइक्लोन दितवाह से 334 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, लाखों बेघर हैं। ऐसे में एक्सपायर्ड सामग्री न केवल बेकार, बल्कि स्वास्थ्य के लिए खतरा भी है।
यह विवाद पाकिस्तान की विदेश नीति पर सवाल खड़े कर रहा है, जबकि भारत की त्वरित मदद ने ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को मजबूत किया। श्रीलंका सरकार ने भारत का आभार जताया है।