कोटा की बेटी अरुंधति चौधरी ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में जीता गोल्ड

ग्रेटर नोएडा, 20 नवंबर 2025 (द न्यूजवाला): राजस्थान के कोटा शहर की बेटी अरुंधति चौधरी ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल 2025 में महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। गुरुवार को शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए फाइनल मुकाबले में अरुंधति ने उज्बेकिस्तान की मजबूत दावेदार एजिजा जोकीरोवा को 5-0 से हराकर यह ऐतिहासिक जीत हासिल की। यह उनकी अंतरराष्ट्रीय वापसी का शानदार प्रदर्शन था, जो 18 महीनों के चोटिल होने के बाद आया। अरुंधति की इस जीत ने भारत को टूर्नामेंट के अंतिम दिन हैट्रिक गोल्ड दिलाए, जो भारतीय मुक्केबाजी के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है।

अरुंधति चौधरी, जो कोटा के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं, ने फाइनल में अपनी आक्रामक रणनीति और सटीक पंचों से प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया। तीनों राउंड में उन्होंने जोकीरोवा पर दबाव बनाए रखा, जिससे जजों ने सर्वसम्मति से भारत के पक्ष में फैसला सुनाया। यह जीत अरुंधति की कड़ी मेहनत का फल है, जो 2024 पेरिस ओलंपिक क्वालीफायर में हार और कलाई की सर्जरी के बाद आई। पूर्व वर्ल्ड यूथ चैंपियन अरुंधति ने कहा, “यह मेरी कमबैक स्टोरी है। मैंने ज्यादा अपरकट्स और फुटवर्क पर फोकस किया, और घरेलू दर्शकों का साथ मिला। अब मेरा अगला लक्ष्य भारत में होने वाले वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना है।” उनकी जीत ने कोटा में जश्न का माहौल पैदा कर दिया है।

यह टूर्नामेंट, जो 13 से 20 नवंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुआ, में भारत ने कुल चार स्वर्ण पदक जीते। अरुंधति के अलावा मिनाक्षी हूडा ने 48 किग्रा वर्ग में उज्बेकिस्तान की फोजिलोवा फजोना को 5-0 से हराया, जबकि प्रीति पवार ने 54 किग्रा में इटली की सिरिन चाराबी को 5-0 से पराजित किया। नूपुर ने भी एक अन्य वर्ग में गोल्ड जीता। सेमीफाइनल में अरुंधति ने जर्मनी की लियोनी मुलर को आरएससी (रेफरी स्टॉप्ड कंटेस्ट) से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, जो उनकी दमदार फॉर्म का प्रमाण था। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने अरुंधति की तारीफ करते हुए कहा कि यह जीत ओलंपिक 2028 की दौड़ में भारत को मजबूत बनाएगी।

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अरुंधति का सफर प्रेरणादायक है। कोटा में जन्मीं और पली-बढ़ीं अरुंधति ने स्थानीय कोचों की मदद से बॉक्सिंग में कदम रखा। उन्होंने बीएफआई कप 2025 में स्वर्ण जीतकर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। चोट के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आईटीबीपी, एसएआई, ओजीक्यू और बीएफआई का धन्यवाद दिया। राजनीतिक हस्तियां और खेल मंत्री ने उनकी उपलब्धि पर बधाई दी, जबकि कोटा के मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित करने का ऐलान किया। यह जीत न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत की बेटियों के लिए मिसाल है, जो खेलों में सफलता की नई इबारत लिख रही हैं।

भविष्य में अरुंधति पर नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह जीत उन्हें विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक के लिए मजबूत दावेदार बना देती है। भारतीय मुक्केबाजी टीम ने इस टूर्नामेंट में कुल 10 पदक जीते, जिसमें चार गोल्ड शामिल हैं। अरुंधति की सफलता से युवा मुक्केबाजों को प्रेरणा मिलेगी, और कोटा जैसे शहरों में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा।

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