यूपी के 18 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट: चक्रवात मोंथा के असर से पूर्वांचल में भारी बारिश, तापमान में 5-10 डिग्री की गिरावट; IMD ने जारी की चेतावनी
लखनऊ, 1 नवंबर 2025 (संपादकीय टीम, दि न्यूज़वाला) – उत्तर प्रदेश में नवंबर की शुरुआत ही बेमौसम बारिश के साथ हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें पूर्वांचल के 7 जिलों में भारी बारिश (50 मिमी से अधिक) और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान मोंथा भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन उसका अवशेषी प्रभाव अभी भी यूपी के पूर्वी हिस्सों पर मंडरा रहा है। इसके चलते तापमान में 5 से 10 डिग्री की अचानक गिरावट दर्ज की गई है, जबकि किसानों की तैयार फसलें खेतों में पानी में डूब गई हैं। लखनऊ में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जो सामान्य से 4 डिग्री कम है।
मोंथा चक्रवात 28 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन के रूप में सक्रिय हुआ था। 30 अक्टूबर को यह गहरे दबाव में बदल गया और ओडिशा-आंध्र तट से टकराया। अब यह कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में तब्दील हो चुका है, लेकिन इसका अवशेषी नमी युक्त हवाएं पूर्वी यूपी की ओर बढ़ रही हैं। IMD लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया, “पूर्वी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के बीच टकराव से बादल बन रहे हैं। 1-2 नवंबर को पूर्वांचल में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी।”
इसके अलावा, अरब सागर से आ रही नमी भी योगदान दे रही है। मौसम मॉडल के अनुसार, 2 नवंबर तक बारिश का दायरा सिकुड़ जाएगा, लेकिन 3 नवंबर को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पश्चिमी यूपी में फिर बूंदाबांदी शुरू हो सकती है।
IMD ने पूर्वी, मध्य और पश्चिमी यूपी के कुल 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें से 7 जिलों में भारी बारिश का खतरा सबसे ज्यादा है:
पूर्वांचल (भारी बारिश वाले 7 जिले):
- वाराणसी – 24 घंटे में 45 मिमी बारिश, घाटों पर पानी भर गया।
- गोरखपुर – 38 मिमी, राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा।
- देवरिया – 52 मिमी, कई गांवों में पानी घुसा।
- कुशीनगर – 41 मिमी, धान की फसल डूबी।
- बलिया – 55 मिमी, सबसे ज्यादा प्रभावित।
- मऊ – 48 मिमी, सड़कें जलमग्न।
- गाजीपुर – 43 मिमी, बिजली गुल।
मध्य यूपी (हल्की-मध्यम बारिश):
- लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, सुल्तानपुर, अयोध्या – बूंदाबांदी, बादल छाए।
पश्चिमी यूपी (छिटपुट बारिश):
- आगरा, मेरठ, बरेली, लखीमपुर खीरी, बहराइच – कहीं-कहीं बौछारें।
यह बारिश धान कटाई के समय आई है, जिससे लाखों हेक्टेयर फसल खराब हो गई। कौशांबी में 1000 क्विंटल धान खेत में ही भीग गया। बाराबंकी के किसान रामस्वरूप यादव ने बताया, “हमने कर्ज लेकर बीज डाला था, अब सब पानी में डूब गया।” झांसी में एक किसान रामदास अहिरवार को फसल देखकर दिल का दौरा पड़ा और मौके पर मौत हो गई।
कृषि विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों के DM को तत्काल राहत देने के निर्देश दिए हैं। फसल बीमा करने वाले किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन अधिकांश ने पॉलिसी नहीं ली।
बारिश के साथ उत्तरी हवाएं चलने से ठंड बढ़ गई है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री रहा। गोरखपुर में न्यूनतम 17 डिग्री तक गिर गया। मेरठ में 15 डिग्री दर्ज किया गया, जो नवंबर के लिए असामान्य है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 2 नवंबर से ठंड और बढ़ेगी। 3 नवंबर को नया पश्चिमी विक्षोभ आने से फिर बारिश हो सकती है, जिससे सर्दी की शुरुआत जल्दी हो जाएगी।
IMD और जिला प्रशासन ने लोगों को निम्न सावधानियां बरतने को कहा है:
- यात्रा से बचें: तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा।
- किसान: फसलें तुरंत काटें और सुरक्षित स्थान पर रखें।
- स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाएं।
- बिजली: आंधी में प्लग निकालें, पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
- अलर्ट चेक: IMD ऐप, वेबसाइट या 1800-180-1717 पर अपडेट लें।