उदयपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों और पुलिस में हिंसक झड़प

उदयपुर, 20 सितंबर 2025: राजस्थान के उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी (MLSU) में शुक्रवार को छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रों और पुलिस के बीच तनाव साफ नजर आ रहा है। इस दौरान कई छात्रों को चोटें आईं, और कुछ को हिरासत में लिया गया।

प्रदर्शन की शुरुआत विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर हुई। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शिक्षक भर्ती और परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी की है। इसके अलावा, छात्रसंघ ने बढ़ती फीस, खराब बुनियादी ढांचे, और परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को भी उठाया।

छात्रों ने शुक्रवार सुबह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने धरना शुरू किया। प्रदर्शनकारी छात्र कुलपति कार्यालय तक मार्च करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई, और देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और नारेबाजी शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने पहले हल्का बल प्रयोग किया, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी तो लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि पुलिसकर्मी छात्रों को खदेड़ रहे हैं, जबकि कुछ छात्र पथराव करते नजर आए।

एक छात्र ने बताया, “हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना चेतावनी के लाठीचार्ज शुरू कर दिया। कई छात्रों को चोटें आई हैं।” वहीं, पुलिस का कहना है कि छात्रों ने पहले पथराव शुरू किया, जिसके बाद बल प्रयोग करना पड़ा।

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उदयपुर पुलिस अधीक्षक ने कहा, “छात्रों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का उपयोग किया गया। कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया है, और मामले की जांच चल रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस हरसंभव कदम उठाएगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी बयान जारी कर कहा, “छात्रों की मांगों पर विचार किया जा रहा है, लेकिन हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। हम शांतिपूर्ण बातचीत के लिए तैयार हैं।”

छात्रसंघ के अध्यक्ष ने कहा, “हमारी मांगें जायज हैं। यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार और लापरवाही चरम पर है। फीस बढ़ रही है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही। हम चाहते हैं कि कुलपति इस पर जवाब दें।” उन्होंने लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इसे “लोकतंत्र पर हमला” करार दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ छात्रों को घायल अवस्था में देखा गया, जिसने इस घटना को और चर्चा में ला दिया। कई छात्र संगठनों ने इस लाठीचार्ज के खिलाफ रविवार को बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

इस घटना ने न केवल उदयपुर बल्कि पूरे राजस्थान में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है। कुछ सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की और स्वतंत्र जांच की मांग की। पुलिस ने परिसर में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि स्थिति और बिगड़े न। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है और जल्द ही एक समिति गठित करने का वादा किया है जो इन मुद्दों की जांच करेगी। यह घटना राजस्थान में उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ते असंतोष को दर्शाती है। हाल के महीनों में जयपुर और जोधपुर की यूनिवर्सिटियों में भी इसी तरह के प्रदर्शन देखने को मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को इन समस्याओं का जल्द समाधान करना होगा, वरना स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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