मोहन भागवत और वसुंधरा राजे की मुलाकात से बढ़ी हलचल, 20 मिनट तक चली बंद कमरे में बातचीत
राजस्थान की राजनीति में हलचल बढ़ाने वाली एक अहम मुलाकात मंगलवार को हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। यह बैठक करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में चली।
मुलाकात के तुरंत बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे राजस्थान की सियासत से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। विधानसभा चुनाव के बाद से ही वसुंधरा राजे की सक्रियता और भाजपा में उनकी भूमिका को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे थे। अब RSS प्रमुख के साथ हुई इस बैठक ने नई अटकलों को हवा दे दी है। भले ही बैठक में हुई चर्चा को सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इसमें संगठन और प्रदेश की सियासी रणनीति पर बात हुई होगी। कुछ लोग इसे भाजपा की अंदरूनी खींचतान और वसुंधरा की भविष्य की भूमिका से भी जोड़कर देख रहे हैं।
इस मुलाकात ने भाजपा खेमे में भी हलचल बढ़ा दी है। समर्थक वसुंधरा की सक्रिय भूमिका की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं विरोधी खेमे में चिंता साफ झलक रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने इस बैठक पर तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा, तभी ऐसी मुलाकातों की ज़रूरत पड़ रही है।