राजस्थान भर्ती परीक्षा 2025: कड़ा, कृपाण, मंगलसूत्र को अनुमति, सख्त जांच के साथ नए नियम लागू

जयपुर, 14 अगस्त 2025: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने भर्ती परीक्षाओं के नियमों में बड़े बदलावों की घोषणा की है, जो आगामी सभी भर्ती परीक्षाओं पर लागू होंगे। इन बदलावों का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। नए नियमों के तहत, अभ्यर्थी अब कड़ा, कृपाण, पगड़ी और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को पहनकर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, इन प्रतीकों के साथ आने वाले उम्मीदवारों की तीन स्तरों की कड़ी जांच की जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि यदि किसी अभ्यर्थी के पास ब्लूटूथ डिवाइस या कोई अन्य संदिग्ध वस्तु पाई जाती है, तो उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

महिलाओं को मंगलसूत्र पहनने की छूट दी गई है, लेकिन इसकी भी गहन जांच होगी। मेटल डिटेक्टर के माध्यम से कपड़ों, जिप, बटन, और जरूरत पड़ने पर इनर वियर की भी जांच की जा सकती है ताकि नकल की कोई गुंजाइश न रहे। नकल रोकने के लिए बोर्ड ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब परीक्षा पूरी होने के बाद ही उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। पहले कुछ कोचिंग सेंटर पेपर समाप्त होते ही समाधान ऑनलाइन जारी कर देते थे, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठते थे। इस नियम से इस समस्या को नियंत्रित करने की कोशिश की गई है। साथ ही, मौसम के अनुसार ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया है। गर्मियों (1 मार्च से 31 अक्टूबर) और सर्दियों (1 नवंबर से 28-29 फरवरी) के लिए अलग-अलग नियम लागू होंगे। सर्दियों में कोट, जैकेट, स्वेटर, शॉल, टाई, और मफलर जैसे कपड़ों को परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

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ये नियम पटवारी भर्ती परीक्षा 2025 से लागू होंगे, जिसका आयोजन 11 मई 2025 को होने वाला है। इस परीक्षा में पहली पारी के बाद प्रश्नपत्र नहीं दिया जाएगा, बल्कि 24 घंटे बाद इसे बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र की सीरीज याद रखनी होगी। नए नियमों के तहत, संदिग्ध वस्तुओं की जांच एयरपोर्ट जैसी सख्ती के साथ होगी। यदि मेटल डिटेक्टर में कोई संदिग्ध वस्तु पकड़ी जाती है, तो अभ्यर्थी की गहन तलाशी ली जाएगी। यह कदम नकल और अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा कि ये बदलाव धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के साथ-साथ परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए किए गए हैं। स्थानीय लोगों और अभ्यर्थियों ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन कुछ का कहना है कि सख्त जांच प्रक्रिया समय लेने वाली हो सकती है, जिसके लिए पहले से बेहतर प्रबंधन की जरूरत है। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट (rssb.rajasthan.gov.in) और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लें, ताकि अफवाहों से बचा जा सके।

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