सेंसेक्स में 1000 अंकों की भारी गिरावट, ट्रम्प के बयान ने फार्मा शेयरों को 9% तक तोड़ा!

मुंबई, महाराष्ट्र | भारतीय शेयर बाजार में आज भारी उथल-पुथल देखने को मिली। सेंसेक्स 1000 अंकों की जोरदार गिरावट के साथ 75,280 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी में 380 अंकों का नुकसान हुआ। इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का हालिया बयान रहा, जिसमें उन्होंने फार्मा सेक्टर पर अभूतपूर्व टैरिफ लगाने की बात कही। इस घोषणा के बाद फार्मा शेयरों में 9% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसने बाजार की चिंता को और बढ़ा दिया।

ट्रम्प के बयान से मचा हड़कंप

ट्रम्प ने गुरुवार को कहा, “फार्मा पर हम ऐसे टैरिफ लाएंगे, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।” यह बयान भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ, जो अमेरिकी बाजार पर काफी निर्भर हैं। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में भारी बिकवाली देखी गई, जिसमें सन फार्मा, ऑरोबिंदो फार्मा और ल्यूपिन जैसे बड़े नामों के शेयरों में 9% तक की गिरावट आई। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये टैरिफ लागू होते हैं, तो भारतीय फार्मा उद्योग को बड़ा नुकसान हो सकता है।

बाजार में क्यों आई इतनी गिरावट?

  • ट्रम्प का टैरिफ प्लान: ट्रम्प की घोषणा ने वैश्विक और भारतीय बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी। फार्मा के बाद ऑटो और आईटी सेक्टर पर भी टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है।
  • विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार तीसरे दिन भारतीय शेयरों में भारी बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।
  • ग्लोबल संकेत: अमेरिकी बाजारों में भी ट्रम्प के बयान के बाद गिरावट देखी गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर पड़ा।
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मार्केट एनालिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा, “ट्रम्प के टैरिफ से वैश्विक व्यापार संकट पैदा हो सकता है। भारत पर असर सीमित हो सकता है, लेकिन फार्मा और आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। निवेशकों को अभी धैर्य रखना चाहिए।” वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट खरीदारी का मौका भी हो सकती है, खासकर उन सेक्टर्स में जो टैरिफ से कम प्रभावित हैं।

फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निफ्टी का अगला सपोर्ट लेवल 22,800 और रेसिस्टेंस 23,500 के आसपास देखा जा रहा है। निवेशकों की नजर अब ट्रम्प प्रशासन के अगले कदम और भारतीय रिजर्व बैंक की प्रतिक्रिया पर टिकी है। क्या यह गिरावट थमेगी या और गहराएगी? यह सवाल हर निवेशक के मन में है।

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