मीरजापुर में इफको ने नैनो डीएपी से जड़ शोधन का सफल प्रदर्शन
- स्थान: मीरजापुर, उत्तर प्रदेश, रिपोर्टर: अभिजीत श्रीवास्तव, The Newswala
मीरजापुर, उत्तर प्रदेश — इफको (IFFCO) ने किसानों के बीच नैनो डीएपी (Nano DAP) तरल उर्वरक के फायदों को प्रचारित करने के उद्देश्य से 8 अगस्त 2025 को मीरजापुर जिले के दो अलग-अलग गांवों में जड़ शोधन का सफल प्रदर्शन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को नैनो डीएपी के उपयोग के लाभों से अवगत कराना और उन्हें पारंपरिक दानेदार डीएपी पर निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित करना था।
पहला प्रदर्शन थाना अहरौरा के गौसपुर गांव में किसान राकेश यादव के खेत पर आयोजित हुआ। इस मौके पर चुनार तहसील के कृषि विकास अधिकारी (ADCO) अमित सिंह मौजूद थे। उन्होंने किसानों को बताया कि जड़ शोधन में नैनो डीएपी का इस्तेमाल करने से दानेदार डीएपी की खपत को 50% तक घटाया जा सकता है, जिससे खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आती है। साथ ही, यह फसल की जड़ों को तुरंत पोषण उपलब्ध कराता है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार होता है।
दूसरा कार्यक्रम मड़िहान तहसील के राजगढ़ ब्लॉक के अमिलिया चौरासी गांव में किसान सुधांशु शेखर सिंह के खेत में हुआ। इस अवसर पर राजगढ़ के कृषि विकास अधिकारी (ADO) श्री राजकपूर सिंह ने खुद अपने हाथों से जड़ शोधन की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने और खेती को टिकाऊ बनाने के लिए नैनो उर्वरकों का अधिक से अधिक प्रयोग करें।
इन दोनों प्रदर्शन कार्यक्रमों में इफको की ओर से जिले के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष श्रीवास्तव और इफको स्पेशियलिटी फर्टिलाइजर असिस्टेंट, मीरजापुर के रितेश पांडेय मौजूद रहे। उनके साथ ददरा हिनौती समिति के सचिव विजया नंद दुबे ने भी किसानों को नैनो डीएपी के तकनीकी पहलुओं और लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
विशेषज्ञों के अनुसार, नैनो डीएपी का नियमित और सही तरीके से प्रयोग न केवल लागत को 40-50% तक घटा सकता है, बल्कि मिट्टी की सेहत को भी बनाए रखता है और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देता है।