देवरिया गैंग रेप पिड़िता का हुआ बयान, आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

देवरिया। जिले के बहुचर्चित गैंग रेप काण्ड में गुरुवार को पीड़िता का कलमबंद बयान अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्य कान्त धर द्विवेदी की अदालत में हुआ। उधर सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार सिंह ने तीन नामजद आरोपियों ओम प्रकाश पाण्डेय डीपीआरओ, क्लर्क राम धनेश यादव व ठेकेदार ऋषिकेश तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। संविदा पर दोबारा रखने का झांसा देकर विकास विभाग की पूर्व संविदा कर्मी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की तहरीर पर देवरिया के जिला पंचायत राज अधिकारी(डीपीआरओ), सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (एडीपीआरओ), विकास भवन के प्रधान सहायक और एक ठेकेदार सहित 5 के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज किया गया था। पीड़िता ने तहरीर में लिखा है कि, वह स्वच्छ भारत मिशन के तहत सदर ब्लॉक में बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर काम कर रही थी। लेकिन हाल ही में लापरवाही के कारण उसे हटा दिया। इस बीच विकास भवन के प्रधान सहायक रामधनेश यादव के संपर्क में वह आ गई। राम धनेश ने उसे नौकरी पर दोबारा रखवाने का वादा करते हुए 16 अगस्त की शाम को एक सरकारी आवास में बुलाया।
वहां पर पहले से डीपीआरओ ओमप्रकाश पाण्डेय, सहायक पंचायत राज अधिकारी नित्यानंद, जीसी बाबू रामधनेश यादव, एडीओ पंचायत दीनानाथ व ठेकेदार ऋषिकेश तिवारी मौजूद थे। युवती के अनुसार सभी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने शोर मचाया तो उसे और उसके परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकी दी। देर रात को युवती को उसके गांव के बाहर सड़क पर छोड़ कर ये लोग फरार हो गए। घर पहुंचने पर युवती ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। 2 सितंबर को कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने एसपी से मुलाकात कर उन्हें मामले से अवगत कराया। साक्ष्य के तौर पर कुछ आडियो क्लिप भी उपलब्ध कराए। एसपी श्रीपति मिश्र के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने डीपीआरओ समेत 5 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

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