रवि किशन की संसद में अनोखी मांग: समोसे के साइज और दाम पर हो एक समान कानून
- बीजेपी सांसद ने समोसे की कीमत और साइज को लेकर उठाया मुद्दा, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और भोजपुरी सिनेमा के मशहूर अभिनेता रवि किशन ने संसद में एक अनोखा मुद्दा उठाकर सबका ध्यान खींच लिया है। उन्होंने समोसे के साइज और कीमत को लेकर चिंता जताते हुए सरकार से इस पर एक समान कानून बनाने की मांग की है। रवि किशन ने कहा कि देशभर में समोसे की कीमतें और साइज अलग-अलग हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। इस बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है, जहां लोग इसे लेकर मजाक और आलोचना दोनों कर रहे हैं।
गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने संसद में कहा, “कहीं छोटा समोसा मिलता है, कहीं बड़ा समोसा मिलता है, लेकिन कीमत हर जगह अलग-अलग। कोई तरीका होना चाहिए कि समोसे का साइज और दाम एक समान हो।” उन्होंने इस मुद्दे को उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सामने उठाने की बात कही, ताकि समोसे की गुणवत्ता और कीमत को लेकर एक नीति बनाई जा सके। रवि किशन का यह बयान संसद में हल्की-फुल्की हंसी का कारण बना, लेकिन इसने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी।
रवि किशन के इस बयान पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ यूजर्स ने इसे मजेदार बताते हुए समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा, “हमें भी समोसा लवर के तौर पर दुख होता है कि कहीं छोटा समोसा मिलता है, कहीं बड़ा, लेकिन पैसे उतने ही लिए जाते हैं।” वहीं, कई लोगों ने इसे गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “देश में बेरोजगारी, महंगाई, और बाढ़ जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन रवि किशन को समोसे की साइज की चिंता है।”
विपक्षी दलों ने रवि किशन के इस बयान को लेकर बीजेपी पर तंज कसा है। एक विपक्षी नेता ने X पर लिखा, “नचइया-गवैया लोगों को संसद में भेजेंगे तो यही हाल होगा। देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल पूछने की जगह समोसे का साइज चर्चा का विषय बन गया।” इसके अलावा, कई यूजर्स ने महंगाई, बेरोजगारी, और बुनियादी ढांचे की समस्याओं जैसे स्कूलों की छत गिरने और सड़कों की खराब स्थिति को उठाते हुए रवि किशन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।
समोसा, जो भारतीय उपमहाद्वीप का एक लोकप्रिय नाश्ता है, विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग आकार और स्वाद में मिलता है। इसका इतिहास मध्यकालीन मध्य पूर्व से जुड़ा है, जहां इसे ‘सनबुसक’ के नाम से जाना जाता था। भारत में समोसे की विविधता, जैसे बंगाल का सिङाड़ा, हैदराबाद का लुक्मी, और दक्षिण भारत में आलू और मूंगफली से भरे समोसे, इसे एक सांस्कृतिक व्यंजन बनाती है। रवि किशन का यह बयान इस लोकप्रिय नाश्ते को राष्ट्रीय चर्चा में लाने में सफल रहा है।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने अभी तक रवि किशन के सुझाव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, यह मुद्दा संसद में हल्के-फुल्के अंदाज में चर्चा का विषय बना। कुछ सांसदों ने इसे उपभोक्ता अधिकारों से जोड़कर देखा, जबकि अन्य ने इसे हास्य के रूप में लिया। यह देखना बाकी है कि क्या सरकार इस पर कोई नीति विचार करेगी या यह चर्चा केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहेगी।
रवि किशन, जो एक मशहूर भोजपुरी और हिंदी फिल्म अभिनेता हैं, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में गोरखपुर से बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने गए। उन्होंने 750 से अधिक फिल्मों में काम किया है और बिग बॉस जैसे रियलिटी शो में भी हिस्सा लिया है। उनकी हास्यप्रिय और बेबाक शैली उन्हें जनता और संसद दोनों में चर्चा में रखती है। इस बार समोसे के मुद्दे ने उनकी छवि को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
अधिक जानकारी और समाचार अपडेट्स के लिए www.thenewswala.com पर जाएं।