रूस में 8.8 तीव्रता का भूकंप, 5 मीटर सुनामी का कहर
रूस के कमचटका प्रायद्वीप के तट से आज, 30 जुलाई 2025 को सुबह 3:29 बजे IST (भारतीय मानक समय) के आसपास 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जो विश्व के इतिहास में छठा सबसे बड़ा भूकंप माना जा रहा है। इस भूकंप ने प्रशांत महासागर में 5 मीटर ऊंची सुनामी लहरें उत्पन्न कीं, जिसने रूस के तटीय क्षेत्रों सहित पड़ोसी देशों में व्यापक तबाही मचाई।
भूकंप का केंद्र कमचटका प्रायद्वीप से लगभग 125 किलोमीटर दूर समुद्र में था, और इसकी गहराई 19.3 किलोमीटर मापी गई। रूस के सिवरो-कुरिल्स्क शहर में सुनामी की लहरों ने बंदरगाह और मछली प्रसंस्करण संयंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचाया। कई मछली पकड़ने की नावें डूब गईं, और तटीय ढांचे को भारी क्षति हुई। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत आपातकाल घोषित करते हुए लोगों को ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
सुनामी की लहरें रूस के अलावा जापान, हवाई, अलास्का और अमेरिका के पश्चिमी तट तक पहुंचीं। जापान के उत्तरी तटों पर 1.3 मीटर ऊंची लहरें देखी गईं, जबकि हवाई में 1.8 मीटर तक की लहरें दर्ज की गईं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने बताया कि भूकंप के झटके रूस के पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की शहर में भी महसूस किए गए, जहां भवनों में दरारें पड़ गईं।
रूस के गवर्नर व्लादिमीर सोलोंडोव ने इसे पिछले दशकों का सबसे शक्तिशाली भूकंप करार देते हुए आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया। रूसी सेना और तटीय गार्ड ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं, जिसमें घायलों को निकालने और फंसे लोगों को बचाने पर जोर दिया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और लहरों की संभावना जताई है, जिसके चलते अलर्ट जारी किया गया है।
जापान और अमेरिका ने अपने तटीय क्षेत्रों में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति पर नजर रखने के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह भूकंप “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने का परिणाम है।