राजस्थान के सीएम भजनलाल को जान से मारने की धमकी

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी ई-मेल के माध्यम से दी गई, जिसमें राज्य खेल परिषद के अध्यक्ष नीरज के. पवन को भी धमकी दी गई है। यह पिछले 14 महीनों में मुख्यमंत्री को मिली पांचवीं धमकी है, जिससे राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, धमकी देने वाले ने ई-मेल में लिखा कि यदि पुलिस ने उसे पकड़ लिया, तो वह खुद को मानसिक रूप से बीमार घोषित कर भाग जाएगा। इस धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकी का स्रोत क्या है।

पिछले 14 महीनों में भजनलाल शर्मा को चार अन्य धमकियां मिल चुकी हैं। जनवरी 2024 में जयपुर सेंट्रल जेल से, जुलाई 2024 और फरवरी 2025 में दौसा की श्यालावास जेल से, और मार्च 2025 में बीकानेर सेंट्रल जेल से धमकियां दी गई थीं। इन मामलों में जेल में बंद कैदियों द्वारा अवैध रूप से प्राप्त मोबाइल फोनों का उपयोग किया गया था।

फरवरी 2025 की घटना में, 29 वर्षीय रिंकू, जो बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, ने जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर धमकी दी थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जेल में सर्च ऑपरेशन चलाया और मोबाइल बरामद किया। इस मामले में जेल कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

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राज्य के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेधम ने इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जेल में मोबाइल फोन की उपलब्धता को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इन धमकियों के पीछे जेल कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है।

विपक्षी नेताओं ने इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे “जंगलराज” का सबूत बताया और कहा कि जब मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को ही धमकियां मिल रही हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा।

पुलिस और जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने का आश्वासन दिया है। इस बीच, यह घटना राज्य में कानून व्यवस्था और जेलों की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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