पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर खोला: 21 नागरिक लौटे, भारत ने शरीफ, 4 क्रिकेटरों के इंस्टा अकाउंट बंद किए

अमृतसर, 2 मई 2025: पाकिस्तान ने 24 घंटे की चुप्पी के बाद शुक्रवार को अटारी-वाघा बॉर्डर को फिर से खोल दिया, जिससे भारत में फंसे अपने नागरिकों की वापसी शुरू हुई। इस कदम से 21 पाकिस्तानी नागरिक, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग और परिवार से मिलने आए लोग शामिल थे, अपने देश लौट सके। यह निर्णय भारत के उस आदेश के बाद आया, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले के बाद शॉर्ट-टर्म वीजा धारकों को देश छोड़ने का निर्देश दिया गया था।

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई, के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जिसे इस्लामाबाद ने खारिज कर दिया। इसके जवाब में भारत ने कई कड़े कदम उठाए, जिनमें पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना, इंडस वाटर ट्रीटी को निलंबित करना, और पाकिस्तानी उड़ानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करना शामिल है।

गुरुवार को वाघा बॉर्डर बंद होने के कारण कई पाकिस्तानी नागरिक भारत में फंस गए थे। इनमें से कुछ, जैसे सुरज कुमार, जो अपनी बुजुर्ग मां को हरिद्वार तीर्थयात्रा पर लाए थे, और हर्ष कुमार, जो सुबह 5 बजे से बॉर्डर पर इंतजार कर रहे थे, ने अपनी निराशा व्यक्त की। एक अन्य नागरिक, नामरा, जो अपने पति और बेटी से मिलने लाहौर जा रही थीं, को भी बॉर्डर बंद होने के कारण परेशानी हुई।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के फैसले की आलोचना करते हुए इसे “मानवीय संकट” करार दिया, जिसमें चिकित्सा उपचार और परिवारों का बिछड़ना शामिल है। बॉर्डर के फिर से खुलने के बाद, पाकिस्तान ने कहा कि वह भविष्य में भी अपने नागरिकों की वापसी के लिए बॉर्डर खुला रखेगा।

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भारत ने अपनी कार्रवाइयों को और तेज करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चार प्रमुख पाकिस्तानी क्रिकेटरों—बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान, शाहीन अफरीदी, और हारिस रऊफ—के इंस्टाग्राम अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया। इसके अतिरिक्त, पाकिस्तानी अभिनेताओं जैसे हानिया आमिर और माहिरा खान के अकाउंट भी भारत में प्रतिबंधित किए गए। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का हिस्सा माना जा रहा है।

पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। भारत ने न केवल वीजा रद्द किए, बल्कि पाकिस्तानी उच्चायोग के तीन सैन्य सलाहकारों को “पर्सोना नॉन ग्राटा” घोषित कर एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया। जवाब में, पाकिस्तान ने भी भारतीय उच्चायोग के सैन्य सलाहकारों को निष्कासित किया और भारतीय नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए।

पाकिस्तानी मंत्री हनीफ अब्बासी ने भारत को परमाणु हमले की धमकी दी, जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास 130 परमाणु हथियार और गौरी, शाहीन, और गजनवी मिसाइलें हैं, जो “केवल भारत के लिए” हैं। दूसरी ओर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकियों और उनके समर्थकों को “पृथ्वी के किसी भी कोने से खोजकर सजा देने” की कसम खाई है।

अमेरिका ने भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की है, जिसमें रक्षा सचिव पीट हेग्सेथ ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत में आतंकवाद की निंदा की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी इस मामले पर नजर रखे हुए है और इसे चर्चा के लिए ला सकती है। ईरान ने मध्यस्थता की पेशकश की है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि दोनों देशों को “अपने मतभेदों को सुलझा लेना चाहिए।”

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वाघा बॉर्डर का फिर से खुलना उन लोगों के लिए राहत की बात है जो भारत में फंसे थे, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव चिंता का विषय बना हुआ है। दोनों देशों के बीच सैन्य, कूटनीतिक, और अब डिजिटल क्षेत्र में भी टकराव बढ़ रहा है, जिसका असर सीमा पार के परिवारों और नागरिकों पर पड़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता की अपील कर रहा है।

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