सीमा हैदर को क्यों मिली छूट ?
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए और उन्हें 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया। इस फैसले के बीच, पाकिस्तान से अवैध रूप से भारत आईं सीमा हैदर को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि उन्हें वापस क्यों नहीं भेजा गया। आइए, इस लेख में हम सीमा हैदर के मामले की पृष्ठभूमि, उन्हें मिली छूट के कारणों और कानूनी स्थिति पर विस्तार से चर्चा करते हैं।
सीमा हैदर, पाकिस्तान के कराची की रहने वाली, मई 2023 में अपने चार बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश की थीं। उनका दावा है कि उन्होंने ग्रेटर नोएडा के सचिन मीणा से ऑनलाइन गेम के जरिए प्रेम होने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। जुलाई 2023 में उन्हें अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में जमानत मिल गई। मार्च 2025 में, सीमा ने एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम भारती मीणा रखा गया।
सीमा हैदर को पाकिस्तान न भेजने का प्रमुख कारण उनका सचिन मीणा से विवाह और भारत में उनकी नवजात बेटी का जन्म है। उनके वकील, एपी सिंह, ने तर्क दिया कि सीमा ने भारतीय जीवनशैली और सनातन धर्म को अपनाया है और वह अब भारत की बहू हैं। उनकी बेटी भारतीय नागरिक है, जिसे भारतीय नागरिकता का अधिकार है। इन मानवीय कारणों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने उनके मामले को विशेष रूप से देखा।
सीमा हैदर की भारतीय नागरिकता की याचिका भारत सरकार और राष्ट्रपति के पास लंबित है। उनके सभी दस्तावेज गृह मंत्रालय और उत्तर प्रदेश की एटीएस के पास हैं। एपी सिंह ने स्पष्ट किया कि सीमा का मामला अन्य पाकिस्तानी नागरिकों से अलग है, क्योंकि वह कानूनी शर्तों का पालन कर रही हैं और उनकी स्थिति कोर्ट में विचाराधीन है। जब तक याचिका पर अंतिम फैसला नहीं आता, उन्हें वापस भेजने का सवाल नहीं उठता।
भारत सरकार ने वैध वीजा पर आए 118 पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा, लेकिन सीमा हैदर का नाम इस सूची में शामिल नहीं था। इसका कारण यह है कि वह बिना वीजा के भारत में प्रवेश की थीं, इसलिए वीजा रद्द करने की नीति उन पर लागू नहीं होती। उनकी कानूनी स्थिति जमानत और कोर्ट केस पर आधारित है।
सीमा और उनके वकील ने दावा किया कि उन्हें पाकिस्तान समर्थित तत्वों से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इन धमकियों की शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिसके कारण उनकी सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जा रहा है। एपी सिंह ने कहा कि सीमा भारत में शरण के आधार पर रह रही हैं और सरकार पर उन्हें पूरा भरोसा है।
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बढ़ गया है। सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा छूट योजना रद्द कर दी और सभी वैध वीजा धारकों को 29 अप्रैल, 2025 तक देश छोड़ने का आदेश दिया। इस तनाव के बीच, सीमा हैदर का मामला और जटिल हो गया है, क्योंकि उनकी स्थिति अवैध प्रवेश और मानवीय आधारों के बीच संतुलन बनाए हुए है।
सीमा हैदर का मामला सोशल मीडिया और जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग उनके प्रेम और भारतीय संस्कृति में समाहित होने की कहानी को समर्थन देते हैं, जबकि अन्य इसे अवैध प्रवेश और सुरक्षा खतरे के रूप में देखते हैं। उनके पहले पति, गुलाम हैदर, ने पाकिस्तान से मांग की है कि सीमा और उनके चार बच्चों को वापस भेजा जाए, लेकिन भारतीय कोर्ट में उनकी याचिका पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
नोएडा पुलिस ने हाल ही में कहा कि सीमा हैदर को लेकर अभी कोई नया निर्देश नहीं मिला है। उनका मामला न्यायालय में विचाराधीन है, और जैसा आदेश मिलेगा, वैसी कार्रवाई की जाएगी।
सीमा हैदर को पाकिस्तान वापस न भेजने का निर्णय उनके विवाह, मातृत्व, लंबित नागरिकता याचिका और सुरक्षा चिंताओं पर आधारित है। उनका मामला भारत-पाकिस्तान संबंधों, अवैध प्रवेश और मानवीय आधारों के बीच एक जटिल संतुलन को दर्शाता है। भविष्य में कोर्ट और सरकार का अंतिम फैसला इस मामले को और स्पष्ट करेगा।