पहलगाम : सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी थी, माफी के लिए शब्द नहीं – उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर, 28 अप्रैल 2025 – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर भावुक संबोधन दिया। उन्होंने कहा, “मेजबान के तौर पर पर्यटकों की सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी थी, लेकिन मैं उन्हें सुरक्षित वापस नहीं भेज सका। मृतकों के परिजनों से मैं क्या कहकर माफी मांगूं? मेरे पास माफी के लिए शब्द नहीं हैं।”

उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में कहा कि यह हमला जम्मू-कश्मीर की आत्मा पर चोट है। “21 साल बाद इतना बड़ा हमला हुआ है। हमने सोचा था कि ये हमले अब अतीत का हिस्सा हैं, लेकिन यह हमला हमें अंदर से खोखला कर गया।” उन्होंने मृतकों के नाम लेते हुए श्रद्धांजलि दी और कहा, “किसी ने पिता खोया, किसी ने भाई, किसी ने बेटा। मैं उस नेवी अफसर की विधवा को क्या जवाब दूं, जिसके बच्चे ने अपने पिता को खून में लथपथ देखा?”  सीएम ने इस दुखद घटना में कश्मीरियों की एकजुटता को सराहा। उन्होंने कहा, “26 साल में पहली बार मैंने देखा कि कठुआ से कुपवाड़ा तक लोग सड़कों पर उतरे और कहा, ‘यह हमला हमारे नाम पर नहीं हुआ।’ कश्मीरी लोग अमन चाहते हैं।” श्रीनगर की जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज से पहले दो मिनट का मौन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन इस एकता का प्रतीक थे।

 उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को बंदूक से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन इसे खत्म करने के लिए जनता का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा, “लानत है मुझ पर अगर मैं इस मौके पर सियासत करूं। मैं इस हमले का इस्तेमाल राज्य का दर्जा मांगने के लिए नहीं करूंगा। यह समय एकजुट होकर कश्मीर को फिर से खड़ा करने का है।” हमले के बाद उमर अब्दुल्ला ने 24 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर आतंकवाद की निंदा की। उन्होंने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क किया, जहां कश्मीरी छात्रों को निशाना बनाए जाने की खबरें आईं, और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। सीएम ने पर्यटकों को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवाने वाले टट्टू चालक सैयद आदिल हुसैन शाह को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आदिल के परिवार से मुलाकात की और उनके साहस को सलाम किया।

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