पहलगाम आतंकी हमले का जवाब: भारत की कड़ी कार्रवाई, पूरा देश एकजुट
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। बैसरन घाटी में पर्यटकों पर हुए इस हमले में 26 लोगों की जान गई, जिनमें दो विदेशी पर्यटक (इजरायल और इटली) और कई भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। इस बर्बर कृत्य के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “आतंकी हमले का परिणाम पूरा देश देखेगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब का दौरा बीच में छोड़कर वापस लौटते ही आपातकालीन बैठक बुलाई। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने पांच बड़े फैसले लिए, जिनमें पाकिस्तानी नागरिकों की वीजा सेवाएं निलंबित करना, वाघा-अटारी बॉर्डर बंद करना और सिंधु जल संधि को रद्द करना शामिल है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ 150 मिनट की हाई-लेवल बैठक की, जिसमें जवाबी कार्रवाई के सभी विकल्पों पर चर्चा हुई।
भारत-पाक सीमा पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। भारतीय सेना, BSF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गश्त तेज कर दी है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 42 आतंकी लॉन्च पैड सक्रिय हैं, जिन पर नजर रखने के लिए ड्रोन और हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। पठानकोट और अमृतसर जैसे सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद बताया जा रहा है, जो पाकिस्तान में छिपा है। चार आतंकियों ने इस हमले को अंजाम दिया, जिनमें दो स्थानीय (आदिल गुरी और आसिफ शेख) और दो पाकिस्तानी थे। सेना और CRPF की विक्टर फोर्स ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है, जिसमें दो आतंकी ढेर किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के मधुबनी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “यह हमला सिर्फ पर्यटकों पर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा पर हुआ है। आतंकियों और उनके आकाओं को ऐसी सजा दी जाएगी, जो उनकी कल्पना से भी परे होगी।” गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
देशभर में हमले के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है। रांची में BJP कार्यकर्ताओं ने “पाकिस्तान मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए मशाल जुलूस निकाला, जबकि दिल्ली में व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। क्रिकेटरों शुभमन गिल, युवराज सिंह और सुरेश रैना ने भी हमले की निंदा की और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अमेरिका, रूस, फ्रांस और इजरायल सहित कई देशों ने हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता दिखाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ जंग में अमेरिका भारत के साथ मजबूती से खड़ा है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की डिजिटल स्ट्राइक (पाकिस्तान के आधिकारिक X अकाउंट को बैन करना) और कूटनीतिक कदमों के साथ-साथ सैन्य कार्रवाई भी हो सकती है। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़ा आतंकी कृत्य है, जिसके बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी। अब देश की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।