नेशनल हेराल्ड केस: सोनिया-राहुल पर ED की चार्जशीट के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन

16 अप्रैल 2025 | The Newswala नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के बाद कांग्रेस ने देशभर में तीखा विरोध शुरू कर दिया है। बुधवार को दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मुख्यालय 24, अकबर रोड के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और इसे “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की राजनीतिक बदले की कार्रवाई” करार दिया। कांग्रेस ने गुरुवार को देशभर के ED कार्यालयों के बाहर जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। नेशनल हेराल्ड केस की शुरुआत 2014 में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से हुई थी। स्वामी ने आरोप लगाया कि सोनिया और राहुल गांधी ने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) के जरिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को केवल 50 लाख रुपये में हासिल कर लिया। ED का दावा है कि इस प्रक्रिया में मनी लॉन्ड्रिंग हुई, जिसमें 5,000 करोड़ रुपये के अपराध की आय शामिल है। चार्जशीट में कांग्रेस नेताओं सैम पित्रोदा, सुमन दूबे, और यंग इंडियन व डोटेक्स मर्चेंडाइज जैसी कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है। मामला दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में 25 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।

कांग्रेस ने इस कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” और “लोकतंत्र पर हमला” करार दिया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने X पर लिखा, “नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों को जब्त करना एक राज्य प्रायोजित अपराध है, जो कानून के शासन की आड़ में किया जा रहा है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना मोदी और शाह की बदले की राजनीति है। कांग्रेस और इसका नेतृत्व चुप नहीं होगा। सत्यमेव जयते।” कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, “मोदी-शाह शासन की विपक्ष के खिलाफ बदले की भावना की कोई सीमा नहीं है। नेशनल हेराल्ड केस पूरी तरह से फर्जी और राजनीति से प्रेरित है। यह गांधी परिवार को डराने की कोशिश है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।” कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “यह 12 साल पुराना मामला है, जिसमें एक भी पैसे का लेन-देन नहीं हुआ। यह शुद्ध रूप से गंदी और सस्ती राजनीति है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी न तो डरते हैं और न ही झुकते हैं।”

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दिल्ली में 24, अकबर रोड पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी ED की कार्रवाई को “अनुचित” और “केंद्र सरकार की साजिश” बता रहे थे। बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला 2012 से चल रहा है और दिल्ली हाई कोर्ट ने 2013 में इसकी जांच को मंजूरी दी थी। बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “यह तकनीकी मामला है। कांग्रेस को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।” बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, “सोनिया और राहुल गांधी जमानत पर हैं। उन्होंने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही रद्द करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।” कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी इस कार्रवाई की निंदा की और इसे “विपक्ष को कुचलने की साजिश” बताया। उन्होंने कहा, “ED ने बिना सबूत के फर्जी चार्जशीट दाखिल की है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। हर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेगा और संविधान में विश्वास रखने वाले लोग इस प्रतिरोध में शामिल होंगे।”

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