हेयर ऑयल के लिए खरगोशों की हत्या: तमिलनाडु में गोरखधंधा उजागर

तमिलनाडु में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जहां हेयर ऑयल बनाने के लिए खरगोशों की बलि दी जा रही है। यह तेल न सिर्फ स्थानीय दुकानों बल्कि ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर भी धड़ल्ले से बिक रहा है। भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में पता चला कि इस गोरखधंधे में शामिल लोग खरगोशों के खून का इस्तेमाल तेल बनाने में कर रहे हैं, जिसे बालों के लिए चमत्कारी दवा बताकर बेचा जा रहा है।

5 फरवरी को तमिलनाडु के कुछ इलाकों में छापेमारी के दौरान यह मामला उजागर हुआ। पुलिस और पशु कल्याण संगठनों की टीम ने तीन दुकानों से सबूत जुटाए, जहां खरगोशों के खून से बने तेल के नमूने मिले। जांच में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि इस इंडस्ट्री में कई छोटे-बड़े कारोबारी शामिल हैं, जो मुनाफे के लिए जानवरों के साथ क्रूरता को बढ़ावा दे रहे हैं।

हालांकि, इस धंधे में पकड़े गए कुछ आरोपियों का दावा है कि वे खुद खरगोशों को नहीं मारते, बल्कि खून को बूचड़खानों या अन्य स्रोतों से खरीदते हैं। एक आरोपी ने कहा, “हमारा काम सिर्फ तेल बनाना और बेचना है। खून कहां से आता है, यह हमारी जिम्मेदारी नहीं।” लेकिन पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि खून की खरीद-फरोख्त भी अपराध को बढ़ावा देती है।

भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत खरगोशों को मारना गैरकानूनी है और दोषियों को 5 साल तक की सजा हो सकती है। इसके बावजूद, यह काला कारोबार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर खुलेआम फल-फूल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को जागरूक करने और सख्त निगरानी की जरूरत है, ताकि इस क्रूरता पर लगाम लग सके।

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