सपा नेता विनय शंकर तिवारी के घर ED रेड: गोरखपुर-लखनऊ समेत 8 ठिकानों पर छापेमारी
लखनऊ, 7 अप्रैल 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके गोरखपुर, लखनऊ समेत 8 ठिकानों पर छापेमारी की। यह पिछले 14 महीनों में तिवारी के खिलाफ ED की दूसरी बड़ी रेड है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई करीब 700 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है, जिसमें तिवारी की कंपनी गंगोत्री एंटरप्राइजेज पर गंभीर आरोप हैं।
सुबह तड़के शुरू हुई इस छापेमारी में ED की टीमें गोरखपुर में तिवारी के प्रसिद्ध ‘तिवारी जी का हाता’ सहित लखनऊ, नोएडा, मुंबई और अन्य स्थानों पर पहुंचीं। टीमों के साथ भारी संख्या में सुरक्षाबल भी तैनात किए गए हैं। बताया जा रहा है कि ED को तिवारी और उनके सहयोगियों के खिलाफ नए सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। इससे पहले फरवरी 2024 में भी ED ने तिवारी के ठिकानों पर छापे मारे थे और उनकी 72 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी।
गंगोत्री एंटरप्राइजेज, जो सड़क निर्माण और टोल प्लाजा संचालन से जुड़ी है, पर आरोप है कि इसने बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले सात बैंकों के कंसोर्टियम से 1,129 करोड़ रुपये का लोन लिया, जिसमें से 754 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। ED का दावा है कि यह राशि गलत तरीके से डायवर्ट की गई और इसका इस्तेमाल निजी संपत्ति बनाने में किया गया। तिवारी के अलावा उनकी पत्नी रीता तिवारी और सहयोगी अजीत पांडे भी इस मामले में आरोपी हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गोरखपुर में छापेमारी के दौरान तिवारी के समर्थक उनके आवास के बाहर जमा हो गए, लेकिन पुलिस ने किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी। एक सपा कार्यकर्ता ने कहा, “यह राजनीतिक प्रतिशोध है। बीजेपी विपक्ष को दबाने के लिए ED का इस्तेमाल कर रही है।” वहीं, ED अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
तिवारी, जो गोरखपुर के चिल्लूपार से विधायक रह चुके हैं और पूर्व मंत्री हरि शंकर तिवारी के बेटे हैं, ने इस कार्रवाई पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, सपा नेताओं का कहना है कि वे इसका विरोध करेंगे। पिछले 14 महीनों में यह दूसरी छापेमारी तिवारी परिवार की मुश्किलें बढ़ा सकती है।