कोई राज है – -किशोर छिपेश्वर”सागर”
कोई राज है जो छुपाते गए वो हमें देखकर मुस्काते गए हमने सोचा कि मिलाए…
कोई राज है जो छुपाते गए वो हमें देखकर मुस्काते गए हमने सोचा कि मिलाए…
गीत प्रीत का आ मुझको तू गले लगा ले, मैं राधा बन जी लूँ। तेरे…
बाज रहे इंसान.. साधो! झूठ ना बोलावें। झूठ बोले त कौआ ना, कुक्कुर काट ले,…
यह हर किसी के साथ होता है जब कोई सोचता है कि मुर्गा बाँग नहीं…