देवरिया जिले में 1500 शौचालय अपूर्ण, स्वछता मिशन का कबाड़ा
देवरिया। जिले में स्वछता मिशन का कबाड़ा हो गया। सरकार से धन लेकर प्रधान व लाभार्थी बंदरबांट कर लिए। जिले में 1500 शौचालय अभी भी अपूर्ण हैं। गावों में जो बने हैं उनमे ज्यादातर में फाटक नहीं और ज्यादातर का प्रयोग नहीं हो रहा। कागजी घोड़ों पर ओडीएफ की गाथा भले गाई जाय जमीनी हकीकत कुछ और है। सरकार ने सोचा खाते में पैसे जायेगे तो प्रधानों की कमीशनखोरी रुक जायेगी लेकिन लाभार्थी व प्रधान का गंठजोड़ इस कदर हॉबी है कि जिले में स्वच्छता अभियान का जनाजा निकल रहा है। जिले में 1500 शौचालय अभी भी अपूर्ण हैं।
विकास भवन के गांधी सभागार में सोमवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालयों की समीक्षा में ये बातें उभर कर सामने आईं हैं। मुख्य विकास अधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शौचालय निर्माण की खराब प्रगति मिलने पर भटनी व बनकटा के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को फटकार लगाई। साथ ही पंद्रह दिन में शेष शौचालयों को पूर्ण करने का निर्देश दिया। देवरिया के सीडीओ ने 1500 शौचालय अधूरा पाए जाने पर नाराजगी जताई। समीक्षा में 45 ग्राम पंचायतें ऐसी मिलीं, जिनकी प्रगति खराब पाई गई। भटनी और बनकटा के एडीओ पंचायत को विशेष जोर देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सचिव अपने-अपने ग्राम पंचायतों में प्रधानों से सहयोग लेकर कार्य पूर्ण करा लें। जो सहयोग नहीं कर रहा है, उसकी जानकारी दें। इस दौरान प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी व डीडीओ श्रीकृष्ण पांडेय, एडीओ पंचायत चंद्रभूषण मणि त्रिपाठी, देवकांत मणि पाठक, राजेश यादव, राजेश मणि आदि मौजूद रहे।