जन्म एवं मृत्यु का हो शत-प्रतिशत पंजीकरण
बीकानेर। नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष ने कहा कि जन्म और मृत्यु से जुड़े सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि शत-प्रतिशत पंजीकरण हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया की गंभीरता से मॉनिटरिंग की जाए और प्रमाण पत्र जारी करने में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण बढ़ाने के लिए विभागों को योजना बनाकर कार्य करना होगा। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में प्रवेश के दौरान विद्यार्थियों से जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से लिया जाए।
इसके अलावा, आशा सहयोगिनियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण को बढ़ावा देने और इस प्रक्रिया से संबंधित जानकारी साझा करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को सरकारी व निजी अस्पतालों में जन्म-मृत्यु की सूचना जांचने और लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए गए।
नए नियमों के तहत विलंब पर लगेगा जुर्माना
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण संशोधित नियम 2025 की अधिसूचना 7 फरवरी 2025 को जारी की गई है। संशोधन के अनुसार,
- घटना की सूचना 21 से 30 दिनों के भीतर देने पर ₹20 विलंब शुल्क लगेगा।
- 30 दिनों से एक वर्ष के भीतर सूचना देने पर ₹50 का शुल्क लगेगा।
- एक वर्ष के बाद सूचना देने पर ₹100 शुल्क लिया जाएगा।
- चिकित्सा संस्थानों द्वारा 21 दिनों से अधिक विलंब या सूचना न देने पर जुर्माना ₹250 से बढ़ाकर ₹1000 तक कर दिया गया है।
बैठक में कोषाधिकारी धीरज जोशी, जिला रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु रोहिताश्व सूनिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक सुभाष बिश्नोई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।