PRERNA APP – क्या शिक्षकों को पढ़ाने की ‘प्रेरणा’ देगा ?
उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिये योगी सरकार की ओर से प्रेरणा ऐप की शुरुआत की गयी है किन्तु विभाग में प्रेरणा एप को लेकर काफी हल्ला मचा है। जब इस एप को गूगल के प्ले स्टोर पर सर्च किया गया तो इसे महज 2 स्टार ही मिले है । विरोध की वजह तमाम हैं। महिला शिक्षक कह रही हैं कि हम पुरुषों के साथ सेल्फी कैसे लेंगे? यदि कही मिस यूज हो गया तो क्या सरकार या अधिकारी इसकी ज़िम्मेदारी लेगें। वहीं पुरुष शिक्षक इसे अतिरिक्त बंदिश बता रहे हैं। प्रदेश के बेसिक शिक्षा का हाल किसी से छिपा नहीं है। इसके पीछे घोर अव्यवस्था और तमाम शिक्षकों की उदासीनता सामने आती रही है। यह व्यवस्था फिलहाल लखनऊ के सरोजनीनगर ब्लॉक, कानपुर नगर और बाराबंकी के एक-एक ब्लॉक में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चल रहा है किन्तु अभी से इसका विरोध चालू है , प्रदेश के कई ज़िलो में इस एप्प का विरोध हो रहा है हाल ही में देवरिया जनपद में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन जारी है। सोमवार को ब्लाक संसाधन केंद्र पर बरहज, भागलपुर व भलुअनी ब्लाक के शिक्षकों ने ब्लॉक अध्यक्ष अजय कुमार यादव की अध्यक्षता में धरना दिया और नगर में प्रदर्शन कर तहसीलदार को पत्रक सौंपा। प्रदर्शनकारी शिक्षक सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। धरने को संबोधित करते हुए अजय ने कहा कि सरकार द्वारा जबरदस्ती बेसिक शिक्षकों से सेल्फी के द्वारा उपस्थिति भेजने का दबाव बना रही है। इस एप को हम किसी भी सूरत में डाउनलोड नहीं करेंगे। शिक्षक इसके लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। ओम प्रकाश कुशवाहा ने कहा कि पुरानी पेंशन सरकार बहाल करे 17140 अथवा 18150 शिक्षकों को पदोन्नति से दिया जाए नहीं तो उसके लिए संघर्ष जारी रहेगा।
जानकारी के लिए बताते चले की यदि आप भी इस एप्प का इस्तेमाल करना चाहते है तो गूगल एप पर प्रेरणायूपी.इन टाइप करें या फिर इस पर क्लिक करें , प्रेरणा एप शिक्षकों के लिए है और प्रेरणा इंस्पेक्शन एप्प अधिकारियों के लिए है जिससे वो शिक्षकों की निगरानी रख सकेगे ।