मुख्यालयों पर बनेगी मिट्ठी परीक्षण प्रयोगशाला

बारां, 15 दिसम्बर। संयुक्त निदेशक अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि पंचायत समिति मुख्यालय शाहबाद, अन्ता, किशनगंज, छिपाबड़ौद व अटरू में वर्ष 2023-24 में केन्द्रीय प्रवर्तित योजना आरकेवीवाई-सॉयल हेल्थ एण्ड फर्टिलिटी अन्तर्गत एक-एक वीएलएसटीएल स्थापित किया जाएगा।  इच्छुक व्यक्ति कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार, जिला परिषद, बारां से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर इसके लिए 25 दिसम्बर 2023 तक आवेदन कर सकते है। प्राप्त प्रस्तावों में से जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति द्वारा स्क्रीनिंग करते हुए प्रत्येक पंचायत समिति हेतु एक-एक प्रस्ताव राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति द्वारा अंतिम रुप करने के लिए कृषि आयुक्तालय को प्रेषित किए जाएंगे। जिले की कुल 8 पंचायत समितियों में से 3 पंचायत समितियों बारां, मांगरोल व छबड़ा में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित हैं।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि वीएलएसटीएल की विश्लेषण क्षमता लगभग तीन हजार मिट्टी नमूनें प्रतिवर्ष होगी। नमूना विश्लेषण लागत राशि 300 रुपये प्रति नमूना की दर से योजना के तहत वहन की जाएगी। यदि 3000 नमूनों के अलावा 500 नमूनें अतिरिक्त जॉच हेतु दिए जाते हैं, तो ग्राम स्तरीय उद्यमी को 500 नमूनों के लिए राशि 20 रुपये प्रति नमूना की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके पश्चात ग्राम स्तरीय उद्यमी द्वारा अतिरिक्त नमूनों की जॉच राज्य सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क राशि 5 रुपये प्रति नमूना पर करनी होगी।
लाभार्थी हेतु अर्हताए – ग्राम स्तरीय उद्यमी के लिए पात्र व्यक्ति युवा होना चाहिए, जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम एवं 27 वर्ष से अधिक न हो व 10 वीं विज्ञान उत्तीर्ण एवं कम्प्यूटर का ज्ञान हो। वीएलएसटीएल हेतु स्वयं सहायता समूह, कृषक उत्पादक समूह, प्राथमिक कृषि साख समिति का भी नामांकन किया जा सकता है। उद्यमी समूह का स्वयं का भवन अथवा किराये का भवन (कम से कम 4 वर्ष की लीज एग्रीमेंट) होना चाहिए।
वित्तीय सहायता एवं समय सीमा – वीएलएसटीएल की स्थापना हेतु योजनान्तर्गत 1.50 लाख रुपये की एक-बारगी सहायता आवेदन के अनुमोदन होने के पश्चात भारत सरकार से बजट उपलब्ध होने के उपरान्त दी जाएगी। उद्यमी को फंड प्राप्ति के 15 दिवस के अंदर प्रयोगशाला उपकरणों, उपभोग्य सामग्री आदि के क्रय किये जाने की रसीद जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति को उपलब्ध करानी होगी।

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