मिलावट के खिलाफ बड़ा एक्शन- 11 मावा फैक्ट्रियों से लिए दूध-मावे के सैंपल

जयपुर, 31 अक्टूबर। आमजन को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह के निर्देशन में प्रदेशभर में मिलावटी पदार्थों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रदेशभर में खाद्य पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्रियों एवं प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के सेम्पल लिए जा रहे हैं। सेम्पलों के अमानक पाये जाने पर फूड सेफ्टी एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्री शिवप्रसाद नकाते ने बताया कि त्योहारी सीजन के कारण प्रदेशभर में मिलावट के खिलाफ अभियान के तहत सघनता से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि दीपावली तथा शादी समारोह के सीजन को देखते हुए मंगलवार सुबह जयपुर जिले में चौमूं तहसील के चीथवाड़ी में 11 मावा फैक्ट्रियों पर छापा मारकर सेम्पल लिए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर-प्रथम श्री विजय सिंह फौजदार के नेतृत्व में 4 खाद्य सुरक्षा दलों द्वारा एक साथ एक समय पर कार्रवाई की गई। इन दलों ने अलसुबह करीब 4.30 बजे ही चीथवाड़ी स्थित 11 मावा फैक्ट्रियों पर छापा मारा और दूध एवं मावे के सेम्पल लिए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम ने बताया कि 11 मावे की भट्टियों (श्री परमानंद मावा पनीर उद्योग, मनोज कुमार मावा, एलआर मावा पनीर, शंकर जाट मावे वाला, शर्मा मावा पनीर, अर्जुन लाल जाट मावे वाला, साधुराम मावे वाला, कविराज मावे वाला एवं मोहन मावे वाला आदि) का सघन निरीक्षण कर दूध एवं मावे के 15 नमूने लिये गये। इन सभी फर्मों को मिलावटी या अमानक मावा, पनीर आदि दुग्ध उत्पाद तैयार नहीं करने और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित करने हेतु पाबन्द किया गया। खाद्य सुरक्षा दलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री नरेश कुमार चेजारा, श्री रतन सिंह गोदारा, श्री पवन कुमार गुप्ता, श्री नरेन्द्र शर्मा, डॉ. महेश, श्री रवि बाडोतिया, श्री सीताराम, श्री पुखराज एवं श्री महावीर शामिल रहे।

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उल्लेखनीय है कि चौमूं क्षेत्र में भारी मात्रा में दूध उत्पाद जैसे दूध, पनीर आदि का उत्पादन किया जाता है। यहां 30 से ज्यादा फैक्ट्रियां और भट्टियां हैं। त्योहार के सीजन में यह संख्या और बढ़ जाती है। यहां से जयपुर, सीकर समेत जयपुर जिले के आसपास के ग्रामीण इलाकों में मावा सप्लाई होता है।

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