स्वाधीनता संग्राम के महानायक शहीद मंगल पांडेय की मनाई गई जयंती

अंजली श्रीवास्तव, मिर्ज़ापुर : विद्या संस्कार पब्लिक स्कूल कौड़ियां कला में बुधवार को बच्चों एवं शिक्षकों ने महान क्रांतिकारी, 1857 क्रांति के अग्रदूत राष्ट्रभक्त मंगल पांडेय की जयंती धूमधाम से मनाई।विद्यालय के चेयरमैंन डॉ. नागेंद्र प्रसाद द्विवेदी और बच्चों ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद करते हुए उनके बताए हुए रास्तों पर चलने की शपथ ली।विद्यार्थी आयुषी सिंह,ओम पांडेय,अंकित सिंह,आयुष्मान यादव,शांभवी सिंह,अंश मिश्रा, काव्या, ज्योति पटेल आदि ने lवीर सपूत मंगल पांडेय के जीवन पर अपनी अपनी व्याख्यान देते हुए कहा कि मंगल पांडेय शरीर से स्वस्थ, बहादुर, साहसी और एक अच्छे सैनिक के गुण और गंभीरता के लिए जाने जाते हैं। मंगल पांडे का नाम भारतीय स्वाधीनता संग्राम में अग्रणी योद्धाओं के रूप में लिया जाता है, उनके द्वारा भड़काई गई क्रांति की ज्वाला ने ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन बुरी तरह से हिला दिया था।

चेयरमैंन डॉ. नागेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी, जो कि भार‍त में व्यापारियों के रूप में आई थी, उसने जब भारत को अपने अधीन कर लिया तो लंदन में बैठे उनके आकाओं ने शायद यह उम्मीद भी नहीं की होगी कि एक दिन मंगल पांडेय रूपी कोई तूफान ऐसी खलबली मचा देगा, जो इतिहास में भारत की आजादी की पहली लड़ाई कही जाएगी।

डायरेक्टर सौम्या द्विवेदी ने कहा कि आज के युवाओं के लिए मंगल पांडेय सदा प्रेरणास्रोत रहेंगे।प्रधानाचार्य शैल तिवारी ने कहा कि सन् 1849 में मंगल पांडे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में शामिल हुए और बैरकपुर की सैनिक छावनी में बंगाल नेटिव इन्फैंट्री यानी बीएनआई की 34वीं रेजीमेंट के पैदल सेना के सिपाही रहे। मंगल पांडेय के मन में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्वार्थी नीतियों के कारण अंग्रेजी हुकुमत के प्रति पहले ही नफरत थी। कार्यक्रम का संचालन बिक्कू बरनवाल ने किया।

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इस अवसर पर आलोक सिंह,प्रवीण सिंह,अल्पना श्रीवास्तव, शाहिद इरफान, सत्य प्रकाश चौबे, अंकित सिंह तथा अन्य लोग रहे।

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