बदलता मौसम बढ़ा रहा है हार्ट अटैक और फ्लू का खतरा
मौसम तेजी से बदल रहा है। ऐसे में बहुत सावधान रहने की जरुरत है। ऐसे मौसम में फ्लू होना आम बात है जिसे हम काफी हल्के में ले लेते हैं। लेकिन हाल ही जो शोध हुआ है वो काफी डरावना है। डॉक्टरों का कहना है कि फ्लू के कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है। फ्लू का वायरल लगातार अपना रुप बदल रहा है जो सेहत के लिए हानिकारक बनता जा रहा है।
बीएलके हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुभाष चंद्रा का कहना है कि जैसे कोरोना में आर्टरी के अंदर ब्लड क्लॉट्स देखे गए थे और जिसकी वजह से हार्ट अटैक होने का जोखिम काफी बढ़ गया था, ठीक उसी तरह फ्लू में भी हो सकता है। एक शोध में पाया गया है कि बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जिनमें फ्लू के बाद हार्ट अटैक आया है। कई लोग तो ऐसे भी हैं, जिनमें फ्लू के एक हफ्ते के बाद ही हार्ट अटैक आया था। फ्लू के कारण ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो सकती है, क्योंकि कोरोना और फ्लू के वायरस आपस में एक जैसे हैं। बता दें कि इनके लक्षण एक जैसे हैं और इनका बचाव भी एक जैसा ही है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि 401 व्यक्तियों को उनके फ्लू निदान के एक वर्ष के भीतर कम से कम एक बार दिल का दौरा पड़ा। इनमें 25 हार्ट अटैक के मामले, फ्लू के पहले सात दिनों में रिपोर्ट किए गए थे। फ्लू के बढ़ते खतरे के साथ यह कहना गलत नहीं होगा कि जैसे-जैसे इसका खतरा बढ़ेगा, वैसे-वैसे इसका असर भी कोरोना की तरह ही होगा। ऐसे वक्त में बहुत जरुरी है कि लोग फ्लू के लक्षणों को बिल्कुल भी नजर अंदाज ना करें क्योंकि ये बाद में बड़ा खतरा बन सकता है।