पत्रकार साथियों को मिली जमानत, हटीं गम्भीर धाराएं
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- पत्रकार एसोसिएशन डीएम-एसपी पर कार्रवाई पर अब भी अड़ा
देवरिया। बलिया पेपर लीक मामले में खबर छापने के बाद जिला प्रशासन व पुलिस ने फर्जी ढंग से केस दर्ज कर तीन साथियों को कारागार में डाल दिया। 25 दिनों से गिरफ्तार हुए पत्रकार दिग्विजय सिंह, मनोज गुप्ता और अजित ओझा को आज ज़मानत मिल गयी है। माना जा रहा है कि इन तीनों ही पत्रकारों की रिहाई देर शाम तक हो सकती है। इन तीनों ही पत्रकारों के ऊपर से गंभीर धाराओं को भी हटा दिया गया है। जिला जज के यहां से सभी की जमानत हुई। पत्रकार एसोसिएशन अब भी जिलाधिकारी – एसपी बलिया पर कार्रवाई की अपनी पुरानी मांग पर अड़ा है। पत्रकार एसोशिएसन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एन डी देहाती ने कहा कि बोर्ड पेपर लीक मामले में फर्जी तरीके से केस दर्ज कर पत्रकार साथियों को गिरफ्तार किया गया। उनके बहुमूल्य 25 दिन जेल में बीते, इसकी जबावदेही तय होनी चाहिए। अखबार में सच छापना क्या गुनाह है? केवल बलिया ही नहीं प्रदेश के कई हिस्सों में संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा की ओर से प्रदर्शन हुए। डीएम-एसपी पर कार्रवाई की मांग की गई। बलिया में क्रमिक अनशन भी किया गया। देवरिया में सड़कों पर प्रदर्शन कर पत्रकारों ने न्याय की मांग की। इसी के साथ प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इसको लेकर पत्रकार औऱ सामाजिक संगठन भी लगातार मांग कर रहे थे।
पत्रकार एसोसिएशन मांग करता है कि बलिया के डीएम-एसपी पर कार्रवाई हो, जिनकी वजह से बेगुनाह पत्रकार साथियों को फर्जी केस में फंसा कर जेल में डाला गया। देश मे पत्रकार सुरक्षा कानून बने।