लार के दीवान को जांचोपरांत क्लीन चिट
लार। बरडीहा निवासी चंद्रशेखर यादव भट्ठा व्यवसायी द्वारा लार थाने के दीवान गोलेन्द्र वर्मा पर वसूली की लगाया गयी आरोप जांच में गलत मिली। पुलिस विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि त्थाकथित घटना का उल्लेख कर पुलिस पर दबाव बनाने के उद्देश्य से प्रार्थना पत्र दिया गया था। कुर्सियों के फर्जी बिल बनवाकर प्रस्तुत किया गया था जिसकी सी0सी0टी0वी0 फुटेज से पुुष्टि हुई। जांच में पता चला कि आरोप लगाने वाले चंद्रशेखर यादव के ईंट भठ्ठे पर अवैध कच्ची शराब बरामद होने के संबन्ध में विगत 02 वर्षोें में कुल 23 अभियोग पंजीकृत हैं।
दिनांक 29.08.2021 को जनपद देवरिया के समाचार पत्रों में प्रकाशित शीर्षक ‘‘दीवान पर 45,000/-रूपये घूस लेने व भठ्ठा मालिक के पुत्र को धमकाकर खरीदवा ली चार कुर्सियां‘‘ के अन्तर्गत समाचार की जाॅच पुलिस अधीक्षक देवरिया डा0 श्रीपति मिश्र द्वारा क्षेत्राधिकारी सलेमपुर से करायी गयी, जि सके क्रम में क्षेत्राधिकारी सलेमपुर द्वारा आवेदक, आवेदक के पुत्र के बयान अंकित करते हुए उनके बताये गये दुकानदारों आदि के बयान अंकित किये गये, जिससे आवेदक के पुत्र द्वारा थाना लार पर नियुक्त मुख्य आरक्षी को कुर्सी खरीदकर देने के तथाकथित आरोप की पुष्टि नहीं हुई, जिसमें आवेदक के पुत्र द्वारा आज दिनांक 30.08.2021 को चार कुुर्सियों के पूराने बिल दुकानदार से बनवाये गये, जिसकी पुष्टि दुकानदार के बयान एवं वहां लगे सी0सी0टी0वी0 फुटेज से पुष्टि होती है। आवेदक के भठ्ठे पर अवैध कच्ची शराब के निष्कर्षण पर रोक लगाने के क्रम में थाना लार पर वर्ष 2020 में आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत 13 अभियोग एवं वर्ष 2021 में 10 अभियोग पंजीकृत हैं। मुख्य आरक्षी द्वारा भठ्ठे पर अवैध शराब बनने की सूचना पर कार्यवाही करते हुए आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया था तथा समाचार पत्र में प्रकाशित यह तथ्य कि अपर पुलिस अधीक्षक के सम्मुख आवेदक द्वारा तथाकथित आरोप लगाकर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसका देवरिया पुलिस खण्डन करती है कि आवेदक द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक देवरिया के सम्मुख उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र दिया ही नहीं गया था। बिना किसी पुष्टि के ही समाचार प्रकाशित किया गया, जिससे जनमानस के मध्य भ्रामक एवं गलत खबर पहुंची।