पुलिस वाले लुटेरे ही स्वर्ण कारोबारी को लूटे थे
- उत्तर प्रदेश पुलिस के “लुटेरे गैंग” ने सर्राफा व्यवसायी से लूटे थे 19 लाख नकद व 16 लाख के गहने
जिनके कंधों पर हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी है , अगर वही डकैती करने लगे तो कैसे कहेंगे कि यूपी में कानून व्यवस्था ठीक है।
गोरखपुर। महराजगंज के सर्राफा व्यवसायी से 19 लाख नकद और 16 लाख के गहने लूट लिए गए थे। घटना को किसी चोर-डाकू गिरोह ने नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस के “लुटेरे गैंग” ने अंजाम दिया था। अपने को कस्टम अधिकारी बताकर बस से लखनऊ जा रहे सर्राफा कारोबारियों को बस्ती में तैनात पुलिस विभाग के एक दरोगा और दो सिपाहियों ने गोरखपुर में लूट लिया था। गोरखपुर के एसएसपी जोगिन्दर कुमार की सक्रियता से पुलिस ने सर्विलांस और CCTV फुटेज की मदद से कैंट इलाके के पैडलेगंज से वर्दीधारी तीनों लुटेरों और उनके तीन साथियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया ।बस्ती जिले में तैनात दारोगा धर्मेंद्र यादव ही लुटेरों का सरगना निकला। धर्मेंद्र यादव ने दो सिपाहियों महेंद्र यादव और संतोष यादव के साथ मिलकर दो लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में बस्ती के एसपी हेमराज मीणा ने कार्रवाई करते हुए पुरानी बस्ती थानाध्यक्ष समेत 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। लूटकांड में पुरानी बस्ती थाने में तैनात एसआई धर्मेंद्र यादव और दो कांस्टेबल महेंद्र यादव व संतोष यादव तैनात थे। एसपी ने इन तीनों को बर्खास्त कर दिया है।महराजगंज जिले में निचलौल के रहने वाले सराफा व्यापारी दीपक वर्मा और रामू वर्मा बुधवार को गहनों की खरीदारी करने के लिए रोडवेज बस से लखनऊ जा रहे थे। दोनों के पास 19 लाख की नकदी और 16 लाख के पुराने गहने थे। नकदी व गहनों को एक बैग में रखकर दोनों साथ में जा रहे थे। लेकिन, रास्ते में दरोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव, संतोष यादव ने कैंट इलाके में रेलवे स्टेशन से लेकर नौसड़ के बीच में इन व्यापारियों को बस से उतार लिया। इसके बाद तस्करी का आरोप लगाते हुए दोनों को एक ऑटो में बैठा लिया। इसके बाद नौसढ़ में मारपीट कर बैग लूटकर फरार हो गए। पीड़ित कारोबारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने बोलेरो ड्राइवर देवेंद्र यादव, मुखबिरी करने वाले शैलेश यादव व एक अन्य आरोपी दुर्गेश अग्रहरि को भी पकड़ा। गिरफ्त में आए तीनों पुलिसकर्मियों के अलावा दूसरे तीन आरोपियों में से महाराजगंज जिले के निचलौल कस्बे का शैलेश यादव है। शैलेश यादव दागी पुलिसकर्मियों के लिए मुखबिरी किया करता था. शैलेश यादव को सूचना निचलौल के सर्राफा बाजार में सक्रिय प्रॉपर्टी डीलर दुर्गेश अग्रहरि दिया करता था। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट का समूचा पैसा व गहना बरामद किया। लुटेरे पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। इनपर रासुका व गैंगेस्टर लगाने की कार्रवाई होने जा रही है।