कम्बल वितरण के दौरान भाजपा सासंद-विधायक भिड़े
सीतापुर। भाजपा बहुत अनुशासित पार्टी है। इधर सत्ता और पद के मद में चूर सांसदों और विधायकों में ताल मेल का अभाव भी दिखने लगा है। वर्चस्व प्रदर्शित करने की भी घटनाये भी प्रकाश में आईं हैं। आपस मे ही जूते चप्पल चलने के मामले भी आ जाते हैं। सन्तकबीरनगर की घटना पुरानी है। सीतापुर में नया बखेड़ा हो गया। कम्बल वितरण के दौरान
सांसद और विधायक भिड़ गए। शनिवार (13 जनवरी) को जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरित किया जा रहा था। इस दौरान धौरहरा से भाजपा सांसद रेखा वर्मा और महोली के भाजपा विधयक शशांक त्रिवेदी के समर्थकों के बीच फोटो खिंचवाने को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे चले और तोड़फोड़ हुई। हंगामा इतना बढ़ गया था कि सांसद रेखा वर्मा ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। इससे वहां अफरातफरी मच गई थी। घटना के वक्त वहां जिला प्रशासन का अमला भी मौजूद था। शाम को सांसद और विधायक ने एक सुर में कहा कि कंबल वितरण के दौरान भगदड़ मची थी। घटना के बाद सीतापुर की कलेक्टर डॉक्टर सारिका मोहन और पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी मौके पर पहुंचे थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसी भी पक्ष की ओर से इसकी शिकायत नहीं दी गई है। सांसद रेखा वर्मा ने विधायक शशांक त्रिवेदी के समर्थकों को हद में रहने की नसीहत दे रही थीं। समारोह में मौजूद उनके बेटे के साथ भी हाथापाई हुई। पहली बार सांसद बनी रेखा वर्मा ने एक पुलिसकर्मी को भी थप्पड़ जड़ दी थी। तहसील प्रशासन ने सांसद से कंबल बंटवाने का कार्यक्रम आयोजित किया था। हॉल में तकरीबन 15 मिनट तक बवाल चलता रहा था। सीओ सदर मौके पर पहुंचे और बातचीत के बाद एसडीएम के कमरे से सांसद रेखा वर्मा को बाहर निकाला जा सका। सांसद और विधायक ने स्थानीय प्रशासन पर ढिलाई बरतने का ठीकरा फोड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह से सांसद को वहां से रवाना किया। विधायक शशांक त्रिवेदी पैदल ही हनुमान मंदिर की ओर निकल पड़े थे। इस दौरान विधायक के समर्थक जिंदाबाद के नारे लगाने लगे।